छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में फर्जी हाजिरी पर सरकार का डिजिटल प्रहार: AI से होगा सत्यापन, नेटवर्क नहीं होने पर भी दर्ज होगी हाजिरी

रायपुर, 27 अक्टूबर। ग्रामीण रोजगार योजना में फर्जी हाजिरी और गलत तरीके से मजदूरी भुगतान के मामलों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप का उन्नत संस्करण लॉन्च किया गया है। इसे जल्द ही छत्तीसगढ़ में भी लागू किए जाने की तैयारी है। नई व्यवस्था लागू होने से फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी राशि लेने वालों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।

AI से होगा श्रमिकों के चेहरे का सत्यापन

ग्रामीण रोजगार योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने NMMS ऐप में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने 23 अक्टूबर 2026 को इस उन्नत ऐप को लॉन्च किया। इसे आईआईटी मद्रास और तकनीकी एजेंसियों की मदद से तैयार किया गया है।

नए ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चेहरा सत्यापन, लाइवनेस डिटेक्शन और मोबाइल सुरक्षा जांच जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनकी मदद से किसी व्यक्ति की जगह दूसरे व्यक्ति की तस्वीर लगाकर हाजिरी दर्ज करने या नकली फोटो का इस्तेमाल करने जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।

नेटवर्क नहीं होने पर भी दर्ज हो सकेगी हाजिरी

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐप में ऑफलाइन हाजिरी दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने पर भी हाजिरी दर्ज की जा सकेगी। इंटरनेट कनेक्शन मिलने के बाद संबंधित रिकॉर्ड अपलोड किया जा सकेगा।

इस सुविधा से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले श्रमिकों और रोजगार योजना से जुड़े कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

नई डिजिटल व्यवस्था में बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है, ताकि तकनीकी प्रक्रिया के कारण उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।

हालांकि, ऐप पर हाजिरी दर्ज होने का मतलब यह नहीं होगा कि मजदूरी का भुगतान तुरंत कर दिया जाएगा। मजदूरी जारी करने से पहले AI आधारित फोटो डुप्लीकेशन प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक (ई-MB) के जरिए जांच की जाएगी। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।

सरकारी धन के दुरुपयोग पर लगेगी रोक

केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार योजनाओं में फर्जी हाजिरी, गलत मजदूरी भुगतान और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है। डिजिटल सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के जरिए कामकाज की निगरानी अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था के लागू होने से वास्तविक श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित करने, सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने और मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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Manish Tiwari

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