साहित्य जगत ने खोई अपनी बड़ी शख्सियत : डॉ. सत्यभामा आडिल के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुख

रायपुर, 21 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की प्रख्यात शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी डॉ. सत्यभामा आडिल का निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश के शैक्षणिक और साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. आडिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. सत्यभामा आडिल का निधन छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक और साहित्यिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. आडिल ने अपने कार्यों से समाज में जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान से प्रदेश की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिली।
पंडित सुंदरलाल शर्मा राज्य अलंकरण से हुई थीं सम्मानित
डॉ. सत्यभामा आडिल को हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2024 के पंडित सुंदरलाल शर्मा राज्य अलंकरण के लिए चुना गया था। यह सम्मान प्रदेश में साहित्यिक सृजन और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने वाले व्यक्तित्वों के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है।
डॉ. आडिल ने शिक्षा और साहित्य के साथ समाजसेवा तथा महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। उनके निधन से प्रदेश ने एक ऐसी शख्सियत को खो दिया है, जिनका योगदान लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।
परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में दिवंगत डॉ. सत्यभामा आडिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘ॐ शांति’ कहा।



