रायपुर के गोलबाजार गणपति का स्वर्ण श्रृंगार, 750 ग्राम सोने-रत्नों का 1 करोड़ से ज्यादा कीमत का मुकुट, रात 4 बजे तक दर्शन

रायपुर, 23 सितम्बर 2026। शहर के ऐतिहासिक गोलबाजार में गणेशोत्सव का उत्साह चरम पर है। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से स्थापित भगवान गणपति का स्वर्ण श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गणपति को करीब 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का 750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार मुकुट पहनाया गया है।
स्वर्ण मुकुट से सजे गणपति के दर्शन के लिए सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है। खास बात यह है कि रात बढ़ने के साथ भी श्रद्धालुओं की संख्या कम नहीं होती। यहां सुबह करीब 4 बजे तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है। पंडाल में होने वाले भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते और नृत्य करते भी नजर आते हैं।
117 साल पुरानी है गणेशोत्सव की परंपरा
गोलबाजार का गणेशोत्सव रायपुर के पुराने और प्रमुख गणेशोत्सव आयोजनों में शामिल है। समिति के अनुसार, इस वर्ष यहां गणपति स्थापना के 117 साल पूरे हो रहे हैं। इस आयोजन से शहर के व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है।
समिति से जुड़े केदार गुप्ता के मुताबिक, वे पिछले 37 वर्षों से गणेशोत्सव की सेवा में शामिल हैं। पहले गोलबाजार में गणेशोत्सव के दौरान गुफाएं बनाई जाती थीं, लेकिन जगह कम होने के कारण अब गुफाओं की जगह आकर्षक झांकी तैयार की जाती है।
गणपति के साथ बालाजी, लक्ष्मी और पद्मावती के दर्शन
गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। सुबह से देर रात तक श्रद्धालु इन देवी-देवताओं के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
समिति के सदस्यों के अनुसार, श्रद्धालुओं की इस आयोजन के प्रति लंबे समय से आस्था है। मान्यता है कि यहां भगवान गणपति से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है।
2018 से गणपति को पहनाया जा रहा स्वर्ण मुकुट
केदार गुप्ता ने बताया कि गणपति को स्वर्ण मुकुट पहनाने की परंपरा 2018 से जारी है। इस वर्ष गणपति का मुकुट करीब 750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार किया गया



