जस्टिस कृष्ण राम महापात्र बने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई शपथ

रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने सोमवार को शपथ ली। रायपुर स्थित लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
जस्टिस कृष्ण राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय जस्टिस शरत चंद्र महापात्र भी न्यायपालिका से जुड़े रहे हैं। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते उनका कानून और न्याय व्यवस्था से गहरा जुड़ाव रहा है।
उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल करने के बाद 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीयन कराया। इसके बाद उन्होंने करीब 26 वर्षों तक वकालत की। इस दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में पैरवी की।
जस्टिस महापात्र ने गार्डियंस एंड वार्ड्स एक्ट, हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्डियनशिप एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट से जुड़े मामलों में भी काम किया। उन्होंने राज्य सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील और उड़ीसा लोक सेवा आयोग (OPSC) के अधिवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
इसके अलावा वे बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) का कानूनी पक्ष भी रख चुके हैं।
2015 में बने थे उड़ीसा हाईकोर्ट के जज
लंबे न्यायिक अनुभव के बाद 17 अप्रैल 2015 को जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को उड़ीसा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। न्यायाधीश के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। इनमें मध्यस्थता (Arbitration), संवैधानिक अधिकारों और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों से जुड़े मामले शामिल रहे।
अब उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिली है। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था के शीर्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है।



