छत्तीसगढ़बिलासपुर

पेपर लीक पर GGU का बड़ा फैसला: BA-LLB 6th सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त, 27 जुलाई से दोबारा एग्जाम, छात्रों का विरोध तेज

बिलासपुर, 23 जुलाई 2026। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में बहुचर्चित पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा रद्द कर दी है। प्रशासन ने 27 जुलाई से दोबारा परीक्षा कराने के लिए नई समय-सारिणी भी जारी कर दी है। हालांकि, इस निर्णय के बाद लॉ विभाग के छात्र-छात्राओं ने विरोध शुरू कर दिया है और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।

विश्वविद्यालय के आदेश के अनुसार, 7 मई से 28 मई 2026 के बीच आयोजित बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा को प्रशासनिक कारणों से निरस्त कर दिया गया है। अब विद्यार्थियों को 27 जुलाई से पुनः परीक्षा देनी होगी। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध दर्ज कराया और प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए।

छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की

विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द की गई है, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि कुछ लोगों की गलती है तो पूरे बैच को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। छात्रों ने री-एग्जाम की अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।

डेढ़ महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी होने के बाद छात्र यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि जांच रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी थी तो निर्णय लेने में इतनी देरी क्यों हुई।

जांच में सामने आया- पोर्टल हैक नहीं हुआ था

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया कि विश्वविद्यालय का समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय जानकारी लीक की गई थी। कमेटी ने पूरे मामले की पुलिस जांच कराने की भी सिफारिश की है।

इसके बाद विश्वविद्यालय ने विभागीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में प्रो. एस.सी. श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और सहायक रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह को शामिल किया गया है।

पहले ही हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के डीन और एचओडी

पेपर लीक विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने लॉ विभाग के तत्कालीन डीन एवं एचओडी प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को उनके पद से हटा दिया था। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया डीन और एचओडी नियुक्त किया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी।

क्या है पूरा मामला?

मई 2026 में बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में लॉगिन आईडी और पासवर्ड के दुरुपयोग से पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद अब परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया है। साथ ही पुलिस जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।

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Manish Tiwari

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