सीजफायर खत्म, फिर बरसे अमेरिकी बम: ईरान के 90 ठिकानों पर हमला; ट्रम्प बोले—समझौता चाहता है तेहरान, लेकिन भरोसा नहीं

तेहरान/वॉशिंगटन, 9 जुलाई। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान के भीतर करीब 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, तटीय निगरानी केंद्र, नौसैनिक ठिकानों और सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया कि खुजेस्तान प्रांत के अहवाज शहर के बाहरी इलाके में हुए हमले में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान जारी होने की जानकारी दी है।
ट्रम्प बोले- “ईरान की हिटलिस्ट में मेरा नाम सबसे ऊपर”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें हर समय जान का खतरा रहता है। उन्होंने दावा किया कि “मैं ईरान की हिटलिस्ट में सबसे ऊपर हूं।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उन्हें भरोसा नहीं कि तेहरान किसी भी समझौते का पालन करेगा।
अमेरिका का दावा- होर्मुज में ईरानी क्षमता कमजोर करना था मकसद
अमेरिका ने कहा कि ताजा एयरस्ट्राइक का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। इसके लिए रणनीतिक सैन्य ठिकानों और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
ईरान ने दी पलटवार की चेतावनी
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहे तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका की धमकियां बिना कीमत चुकाए नहीं रहेंगी और होर्मुज स्ट्रेट ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा।
तेल बाजार पर असर
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 1% बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति और बिगड़ती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
रेलवे सेवा प्रभावित
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने तेहरान-मशहद रेलवे लाइन पर यात्री ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है और मरम्मत का कार्य जारी है। प्रभावित यात्रियों को सड़क मार्ग से गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
क्षेत्र में बढ़ा सुरक्षा अलर्ट
अमेरिकी हमलों के बाद बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मध्य-पूर्व में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पूरी दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।



