केरल के वरिष्ठ BJP नेता जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा: राज्यसभा टिकट कटा, मोदी मंत्रिमंडल से भी हुई विदाई

नई दिल्ली, 23 जून 2026। केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा का छह वर्षीय कार्यकाल पूरा हो गया था और भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन मूल रूप से केरल के कोट्टायम से हैं। पेशे से वकील कुरियन लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्हें 2024 में मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उस समय इसे ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा गया था।
कुरियन 1980 में भाजपा के गठन के समय से ही पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने राज्य महासचिव, भारतीय युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वर्ष 2016 के केरल विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा वे पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ. राजगोपाल के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) भी रह चुके हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, जॉर्ज कुरियन को पहले से यह जानकारी नहीं थी कि पार्टी उन्हें दोबारा राज्यसभा टिकट नहीं देगी। इस बार भाजपा ने मध्य प्रदेश से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केरल में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन के कारण पार्टी नेतृत्व ने यह फैसला लिया। गौरतलब है कि जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के एकमात्र ईसाई केंद्रीय मंत्री थे, इसलिए उनका इस्तीफा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



