जशपुर में खाद-बीज की नहीं होगी कमी : 44 समितियों में बड़ा भंडारण, 10 हजार किसानों को 37.79 करोड़ का कृषि ऋण

जशपुर, 18 जून 2026। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जशपुर जिले में खाद, बीज और कृषि ऋण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। वहीं कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
उप संचालक कृषि एम.आर. भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक विकल्पों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। विभागीय अमला गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी भी दे रहा है।
24 से बढ़ाकर 44 की गई सहकारी समितियां
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है। इससे किसानों को खाद और बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है। साथ ही उनके समय और परिवहन खर्च में भी कमी आई है।
9,285 मीट्रिक टन उर्वरक और 6,836 क्विंटल बीज का भंडारण
वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 3,681 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
इसी तरह 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,872 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। आगामी मांग को देखते हुए खाद और बीज का भंडारण लगातार बढ़ाया जा रहा है।
10 हजार से अधिक किसानों को मिला 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण
कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है।
इसमें 31 करोड़ 33 लाख 08 हजार रुपये नगद ऋण तथा 6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं। इससे किसानों को समय पर कृषि निवेश करने और खेती की लागत वहन करने में मदद मिल रही है।
अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद और जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



