
दुर्ग। बीएसपी स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे मंगलवार को दुर्ग लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
🔎 कैसे हुआ खुलासा
26 मई को भिलाई के हथखोज क्षेत्र स्थित एके ट्रेडर्स परिसर में छापेमारी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि फ्लाई ऐश डस्ट की आड़ में बीएसपी से चोरी किया गया स्क्रैप बड़े पैमाने पर जमा किया जा रहा था।
🚨 करोड़ों की संपत्ति बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद की थी। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा वाहनों और मशीनों सहित कुल मिलाकर लगभग 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
👮 पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पहले ही 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी संजय सिंह घटना के बाद लगातार ठिकाने बदलकर फरार चल रहा था।
🗣️ पुलिस का बयान
एडिशनल एसपी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बीएसपी से स्क्रैप चोरी कर अवैध रूप से बेचकर आर्थिक लाभ कमाने के लिए चलाया जा रहा था। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है



