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रेफर सेंटर से रोल मॉडल तक: स्वास्थ्य सेवाओं में मुंगेली ने रचा इतिहास, ‘अचीवर्स’ श्रेणी में बनायी खास पहचान

स्वास्थ्य विशेष

मुंगेली, 30 मई 2026

कभी सामान्य जटिल मामलों में भी मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने के लिए पहचान रखने वाला जिला चिकित्सालय मुंगेली अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई मिसाल बनकर उभरा है। सीमित संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद जिले ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के दम पर प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी जगह बनाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मुंगेली को राज्य की ‘अचीवर्स’ श्रेणी में शामिल किया गया है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग का असर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में साफ दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार की ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मिली उपलब्धि ने मुंगेली को प्रदेशभर में एक मॉडल स्वास्थ्य जिले के रूप में स्थापित किया है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में शानदार प्रदर्शन

जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की दर 98 प्रतिशत रही, जबकि संस्थागत प्रसव 99.98 प्रतिशत तक पहुंच गया। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में 103 प्रतिशत उपलब्धि के साथ मुंगेली ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में यह उपलब्धि जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था को दर्शाती है।

बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिरायु दलों ने जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिन्हित बीमार बच्चों के उपचार की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी आगे

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया। वहीं उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले ने स्क्रीनिंग में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

आईसीयू और आधुनिक सुविधाओं से बढ़ा भरोसा

जिला अस्पताल में संचालित अत्याधुनिक आईसीयू ने गंभीर मरीजों के उपचार में नई उम्मीद जगाई है। पिछले एक वर्ष में हजारों मरीजों को यहां बेहतर इलाज मिला है। आईसीयू की सफलता दर लगभग 80 प्रतिशत बताई गई है, जो बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के बराबर मानी जा रही है।

गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में नंबर-1

30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप जांच में मुंगेली ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।

आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी में बड़ी सफलता

जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग सभी वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 92 प्रतिशत आबादी की आभा आईडी तैयार हो चुकी है।

डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं बनीं राहत

जिला चिकित्सालय में 4.32 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 32-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन मरीजों को सस्ती और त्वरित जांच सुविधा उपलब्ध करा रही है। डायलिसिस सेवा में लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वर्तमान में 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा मिल रही है।

हीटवेव प्रबंधन में भी संवेदनशील पहल

भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों में विशेष हीटवेव प्रबंधन व्यवस्था की गई है। ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर लोगों को राहत दी जा रही है, वहीं जागरूकता अभियानों के जरिए लू से बचाव की जानकारी भी दी जा रही है।

मुंगेली की यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेहतर प्रशासनिक निगरानी, टीमवर्क और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए सीमित संसाधनों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

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Manish Tiwari

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