
बिलासपुर, 30 मई 2026
उसलापुर गुड्स शेड को बिना पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं के संचालित किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेलवे प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि जब स्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो गुड्स शेड को शुरू क्यों किया गया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मजदूर भी इंसान हैं और उन्हें सम्मानजनक कार्य वातावरण तथा मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
जस्टिस एन.के. व्यास की एकलपीठ ने रेलवे अधिकारियों को गुड्स शेड में पीने के पानी, बिजली, सड़क, शेड, हमालों और व्यापारियों के लिए विश्राम कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की गई है।
यह याचिका रेलवे माल गोदाम मजदूर यूनियन और नया माल गोदाम ट्रक यूनियन की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि रेलवे ने बिलासपुर रेक प्वाइंट गुड्स शेड को बंद कर बिना पर्याप्त सुविधाओं के पूरा काम उसलापुर शिफ्ट कर दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेलवे की ओर से पेश डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा से सवाल किया कि क्या रेलवे मजदूरों को इंसान नहीं समझती, जो बिना सुविधाओं के उन्हें काम करने पर मजबूर किया जा रहा है।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उसलापुर गुड्स शेड में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसके समर्थन में फोटो और संयुक्त जांच रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया गया है। वहीं मानसून सीजन में खाद की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर ने भी रेलवे को पत्र लिखकर पुराने रेक प्वाइंट को सितंबर तक चालू रखने का सुझाव दिया है।
सुनवाई के दौरान रेलवे प्रशासन ने सुविधाओं के विस्तार के लिए 15 दिन का समय मांगा, जबकि याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं तैयार करने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अब इन कार्यों की निगरानी स्वयं कोर्ट करेगा और अगली सुनवाई से पहले रेलवे तथा जिला प्रशासन को विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने बिलासपुर रेक प्वाइंट को स्थायी रूप से बंद करने के फैसले को रेलवे की नीति के खिलाफ बताते हुए मांग की है कि बिलासपुर और उसलापुर दोनों गुड्स शेड व रेक प्वाइंट एक साथ संचालित किए जाएं। उनका कहना है कि पूरा माल उसलापुर से आने-जाने पर परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे व्यापारियों और आम लोगों पर महंगाई का असर पड़ेगा। साथ ही उसलापुर गुड्स शेड क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का मुद्दा भी कोर्ट के सामने उठाया गया।



