10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम : CTI ने मोदी सरकार से VAT घटाकर 15 रुपये राहत देने की मांग की

नई दिल्ली, 25 मई 2026। देशभर में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ने के बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है। CTI ने पेट्रोल-डीजल पर VAT घटाकर आम जनता को 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक राहत देने का सुझाव दिया है।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की इमरजेंसी बैठक बुलाने की अपील की है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि अगले तीन महीनों तक पूरे देश में पेट्रोल और डीजल पर फ्लैट 5% VAT लागू किया जाए, जिससे बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके।
गोयल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के अधीन है, जबकि VAT राज्यों का विषय है। ऐसे में केंद्र और राज्यों दोनों को मिलकर जनता को राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और NDA शासित 21 राज्यों में केंद्र सरकार आसानी से समन्वय कर सकती है।
CTI ने विभिन्न राज्यों में VAT की दरों का उदाहरण भी दिया। तेलंगाना में पेट्रोल पर 35.20% VAT, आंध्र प्रदेश में 31% VAT के साथ अतिरिक्त टैक्स, जबकि दिल्ली में 19.40% VAT लगाया जा रहा है। वहीं अंडमान-निकोबार में मात्र 1% VAT होने के कारण वहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं।
इधर तेल कंपनियों ने 25 मई से पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। यह 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। अब तक पेट्रोल-डीजल करीब ₹7.50 से ₹8 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। कंपनियों ने ईरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को इसकी वजह बताया है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला हुआ है। पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाए जा रहे हैं ताकि जनता की जेब चुपके-चुपके कटती रहे।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल करीब ₹8 महंगा कर दिया।



