
रायपुर, 19 मई 2026// रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर इजाफा हो गया। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 15 मई को भी दोनों ईंधनों के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने लगा है।
राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत करीब 104.32 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.38 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। भीषण गर्मी के बीच लोग स्कॉर्फ और गमछा पहनकर पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं।
4 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम
तेल कंपनियों द्वारा लगातार कीमतें बढ़ाए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। चार दिनों के भीतर दूसरी बार कीमतें बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर दिखने लगा है। खासकर डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, जिसका असर सब्जियों, राशन और जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है।
खेती और यातायात पर भी असर
डीजल की कीमत बढ़ने से खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य मशीनों का खर्च भी बढ़ेगा। वहीं आने वाले दिनों में बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर में मची थी पेट्रोल भरवाने की होड़
बीते दिनों ईंधन सप्लाई को लेकर अफवाहें फैलने के बाद रायपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया था। कुछ जगहों पर पंप बंद होने जैसी स्थिति भी बन गई थी। हालांकि प्रशासन ने अब हालात सामान्य होने की बात कही है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने प्रशासन अलर्ट
ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत मिलने पर लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत कर सकते हैं।
रायगढ़ में पेट्रोल पंप सील
इधर रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित वंदना पेट्रोल पंप को खाद्य विभाग की टीम ने सील कर दिया है। जांच के दौरान स्टॉक में अनियमितता और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
ऐसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़कर पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय की जाती है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल कंपनियां बढ़ते घाटे की भरपाई के लिए लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं।



