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झालमुड़ी ब्रेक पर सियासत गरम: Narendra Modi के काफिले रुकते ही बढ़ी भीड़, Hemant Soren को लौटना पड़ा; TMC ने लगाया गंभीर आरोप

झारग्राम/कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच एक मामूली दिखने वाला “झालमुड़ी ब्रेक” अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। रविवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi झारग्राम दौरे पर थे, जहां उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवाकर झालमुड़ी खाई। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

इसी घटना को लेकर Trinamool Congress (TMC) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के इस अनियोजित ठहराव के कारण झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren और विधायक Kalpana Soren को झारग्राम में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। पार्टी के मुताबिक, दोनों को घंटों इंतजार करना पड़ा और अंततः उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द कर रांची लौटना पड़ा।

TMC ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना “आदिवासी नेताओं के प्रति असम्मान” को दर्शाती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के लंबे ब्रेक और फोटो सेशन को अन्य निर्वाचित नेताओं के कार्यक्रम से ऊपर रखा गया।

हालांकि, इस मामले में आधिकारिक तौर पर सुरक्षा कारणों को भी वजह बताया जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान हवाई क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहती है।

चुनाव की अहम घड़ी में बढ़ा सियासी तापमान
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित होंगे। ऐसे में इस घटना ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

राजनीतिक मायने क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी समय में ऐसी घटनाएं प्रतीकात्मक रूप से बड़ी बन जाती हैं। एक तरफ TMC इसे “सम्मान और अधिकार” का मुद्दा बना रही है, वहीं बीजेपी इसे सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया बता सकती है।

👉 कुल मिलाकर, “झालमुड़ी ब्रेक” अब सिर्फ एक स्नैक ब्रेक नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है।

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Manish Tiwari

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