रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं : सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रेल मंत्री से क्षेत्र के ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग

रायगढ़/रायपुर, 7 अप्रैल 2026।रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर संसद में जोरदार आवाज उठी है। राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
सांसद सिंह ने कहा कि रायगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि त्याग, दूरदर्शिता और ऐतिहासिक योगदान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 1890 को तत्कालीन शासक राजा भूप देव सिंह ने बंगाल नागपुर रेलवे के विस्तार के लिए 1969 एकड़ से अधिक भूमि रेलवे को दान में दी थी, जो आज भी क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव है।
उन्होंने रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह महान कला संरक्षक राजा चक्रधर सिंह की कर्मभूमि रही है, जहां आज भी ‘चक्रधर समारोह’ के माध्यम से देश-विदेश के कलाकार जुटते हैं।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल ट्रेनों के ठहराव का नहीं, बल्कि रायगढ़ के ऐतिहासिक योगदान के सम्मान से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में प्रस्तावित रेलवे टर्मिनल को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई।
ट्रेनों के ठहराव न होने से बढ़ी परेशानी
वर्तमान में कई प्रमुख ट्रेनें रायगढ़ स्टेशन पर नहीं रुक रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पुणे हमसफर एक्सप्रेस (20822)
- वास्को डिगामा एक्सप्रेस (17322)
- ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (12102)
- पोरबंदर कविगुरु एक्सप्रेस (12950)
- मुंबई सीएसटीएम एक्सप्रेस (12870)
इन ट्रेनों के ठहराव न होने से यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और कला प्रेमियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
‘यह मांग नहीं, न्यायोचित अपेक्षा’
सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रेल मंत्री से अपील करते हुए कहा कि रायगढ़ के ऐतिहासिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इन सभी ट्रेनों का ठहराव जल्द सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि न्यायोचित अपेक्षा है उस क्षेत्र की, जिसने देश के रेलवे विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है।”
रायगढ़ के लोगों को अब रेल मंत्रालय के फैसले का इंतजार है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिल सके।



