नक्सल मुक्त इलाकों के विकास पर फोकस: 3 साल में आय 30 हजार करने का लक्ष्य, मुख्य सचिव ने बनाई रणनीति

रायपुर, 27 मार्च 2026।नक्सल प्रभावित जिलों में स्थायी और समावेशी विकास को गति देने के लिए मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान नक्सल मुक्त हो रहे क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, सहला निगार, सोनमणि वोरा, भीम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के कलेक्टर व सीईओ शामिल हुए। वहीं, Transform Rural India Foundation के मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश कुमार ने समन्वित नीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
3 साल में आय दोगुनी करने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने एलडब्ल्यूई प्रभावित 8 जिलों के परिवारों की औसत आय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने का लक्ष्य तय किया है। National Council of Applied Economic Research (NCAER) के सर्वे के अनुसार इन क्षेत्रों के 85% परिवारों की आय अभी 15 हजार रुपये से कम है।

क्लस्टर मॉडल से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
कार्यशाला में क्लस्टर आधारित और ब्लॉक केंद्रित मॉडल पर जोर दिया गया। इसके तहत कृषि, पशुपालन, वनोपज, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प और सूक्ष्म उद्यमों को जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन किया जाएगा। उत्पादन से लेकर विपणन तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
हर परिवार को 3 आजीविका से जोड़ने की तैयारी
प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि विविधीकरण, सामूहिकीकरण, प्रौद्योगिकी और संतृप्ति के चार स्तंभों पर आधारित रणनीति अपनाई जाएगी। इसके तहत हर परिवार को कम से कम तीन अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
60 दिनों में बनेगी विस्तृत योजना
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड में संभावित आजीविका क्लस्टर की पहचान कर 60 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें सर्वे, योजना निर्माण और क्रियान्वयन की पूरी रूपरेखा शामिल होगी।
“ट्राइपॉड मॉडल” से होगा समग्र विकास
कार्यशाला में “ट्राइपॉड मॉडल” प्रस्तुत किया गया, जिसमें परिवार, क्षेत्र और गतिविधियों को जोड़कर समेकित विकास पर जोर दिया गया। साथ ही NABARD, FES और PRADAN जैसे संगठनों ने लघु वनोपज (NTFP) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने के सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पहल
मुख्य सचिव ने कहा कि विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना पर तेजी से काम करना होगा।
निष्कर्ष:
यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव का आधार बनेगी और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।



