
रायपुर, 22 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 एवं लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का स्पष्ट संकल्प है। अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया के लिए अहम साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इसी मांग के अनुरूप हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। पहले बनाए गए कानून प्रभावी नहीं थे, जिससे अवैध धर्मांतरण कराने वाले बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़कर “घर वापसी” अभियान चलाया था।
सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया। परीक्षाओं में गड़बड़ियों और नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 पारित हुआ। दोनों विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुए।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



