छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 पारित, तृतीय-चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में युवाओं के लिए सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित

रायपुर, 21 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 पारित किया गया। इस कानून के तहत राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती प्रणाली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न विभागों में 32 हजार से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, और नई व्यवस्था इसे अधिक सुव्यवस्थित और नियमित बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कर्मचारी चयन मंडल के गठन से अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के लिए नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी होगा, जिससे अभ्यर्थियों को समयबद्ध तैयारी में सुविधा मिलेगी। सभी प्रमुख परीक्षाएं निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराने की कोशिश की जाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि नई व्यवस्था से विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग समय पर भर्तियां निकालने की समस्या दूर होगी। समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग आवेदन और चयन प्रक्रियाओं से होने वाले समय, संसाधन और प्रयास की बर्बादी को रोका जाएगा।
कर्मचारी चयन मंडल की संरचना में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे, साथ ही सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मंडल को आवश्यकता अनुसार संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने और एजेंसियों की सेवाएं लेने का अधिकार होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह व्यवस्था भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय बनाएगी, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में सुदृढ़ और प्रभावी भर्ती प्रणाली स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।



