छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण और ग्रामीण परिवहन पर बड़ा बजट: केदार कश्यप के विभागों के लिए 3622 करोड़ की अनुदान मांगें पास

रायपुर, 17 मार्च 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3 हजार 622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रुपए की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित की गईं। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 2 हजार 867 करोड़ 30 लाख रुपए, सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रुपए, परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपए और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रुपए शामिल हैं।
मंत्री कश्यप ने अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनवासियों की आजीविका को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आगामी वर्षा ऋतु में लगभग 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपए और बिगड़े वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को पूर्ण विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाना है।
नदी तटों पर भू-क्षरण रोकने के लिए 7 करोड़ रुपए तथा भू-जल संरक्षण योजना के लिए 120 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के किनारे वृक्षारोपण के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वन्यजीव संरक्षण के लिए 320.58 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जबकि बाघ संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ योजना के तहत 23.50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
दूरस्थ अंचलों में निवासरत वनवासियों को बारहमासी आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन मार्गों में रपटा पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष 5 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। सड़कों तथा मकान निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। काष्ठ एवं बांस कूपों के विदोहन के उपरांत प्राकृतिक पुनरोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ए.एन.आर. योजना के अंतर्गत भी 300 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वनवासियों को उनके मालिकाना हक की भूमि में इमारती लकड़ी के विदोहन के लिए 183 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मंत्री कश्यप ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को से विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हांकन के लिए चयनित किया गया है। वन विभाग में मानव संसाधन बढ़ाने के लिए वनरक्षक के 1484 और सहायक ग्रेड-3 के 50 पदों पर भर्ती की जा रही है।
राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 करोड़ रुपए रखे गए हैं। राज्य में लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है।
राज्य में जैव विविधता संरक्षण और वेटलैंड विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ का पहला और भारत का 96वां रामसर स्थल अधिसूचित किया गया है। वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर स्थल के रूप में नामित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्पलेक्स को रामसर स्थल घोषित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना को विस्तार दिया गया है। योजना के तहत बस संचालकों को तीन वर्षों तक मासिक कर में पूर्ण छूट और अधिकतम 26 रुपए प्रति किलोमीटर की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्तमान में वनांचल के 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए आठ नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित करने हेतु 15 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपए की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। राज्य में वर्तमान में 347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं और पेट्रोल पंपों तथा सार्वजनिक स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
राज्य के पांच नवीन जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में परिवहन कार्यालय की स्थापना के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सहकारिता विभाग के लिए 572 करोड़ रुपए का कुल बजट प्रस्तावित किया गया है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 में अब तक 15.55 लाख किसानों को 7,822 करोड़ रुपए का ऋण दिया जा चुका है। 515 नई पैक्स समितियों के लिए गोदाम-सह-कार्यालय भवन निर्माण और अन्न भंडारण अवसंरचना विकसित करने हेतु 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य सहकारी संघ द्वारा सहकारी शिक्षा के अंतर्गत डिप्लोमा इन को-ऑपरेटिव मैनेजमेंट कोर्स के संचालन के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
संसदीय कार्य विभाग द्वारा विधानसभा सचिवालय और राज्य शासन के सभी विभागों के बीच समन्वय का कार्य किया जाता है। विभाग द्वारा विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्ते तथा पेंशन से संबंधित कार्यों के लिए 122 करोड़ 65 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
अनुदान मांगों की चर्चा में विक्रम मंडावी, अजय चन्द्राकर, प्रबोध मिंज, चैतराम अटामी, धर्मजीत सिंह, संगीता सिन्हा और सावित्री मंडावी ने हिस्सा लिया। साथ ही अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित मांग और सुझाव दिए।



