CG विधानसभा बजट सत्र: भाजपा विधायक ने उठाया जर्जर पुल-पुलियों का मुद्दा, आसंदी बोले – काम नहीं कर पा रहे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर जिले के जर्जर पुल-पुलियों की मरम्मत को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि कई पुलिया संकरी और डेमेज हो चुकी हैं, रेलिंग नहीं है और इस वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
इस पर उप मुख्यमंत्री और सार्वजनिक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बताया कि कांकेर जिले से भानुप्रतापपुर पखांजूर तक की सड़क काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने माना कि आज तक यह कार्य पूरा होना चाहिए था, लेकिन अनुबंधक के चले जाने की वजह से कुछ पुलों का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि कुल 134 पुलों में से 114 का काम पूरा हो चुका है। शेष का निर्माण अनुबंध और उच्च न्यायालय में लंबित मामले के कारण रुका हुआ है।
मंत्री ने यह भी बताया कि 11 पुलिया संकरी हैं, लेकिन विभाग ने उन्हें ठीक करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी हैं। निर्माण का बजट पहले ही मंजूर किया जा चुका है और अप्रैल तक एक पुल का काम पूरा कर लिया जाएगा। अन्य पुलों के निर्माण कार्य में भी विभाग लगातार लगा हुआ है।
विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया कि क्या अब तक इन संकरी पुलियों पर कोई दुर्घटना नहीं हुई। इस पर अरुण साव ने कहा कि दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन अब तक ऐसी कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि निर्माण का कार्य ठेकेदार के चले जाने की वजह से बाधित हुआ है।
इस पर विधायक ने कहा कि 77/2 सड़क पर अब तक 5 दुर्घटनाएं हुई हैं – 30 अप्रैल, 11 नवंबर और दिसंबर में। लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन विभाग की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई। इस पर उप मुख्यमंत्री आसंदी ने कहा कि विधायक जो भी जानकारी उपलब्ध कराएं, विभाग उसका सत्यापन करके कार्रवाई करेगा।
आसंदी ने स्पष्ट कहा कि जो भी ठेकेदार कार्य करने में असफल रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सड़क के मरम्मत कार्य के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ पूर्ण कर रहा है।
विशेष: कांकेर जिले के इन पुलों की स्थिति पिछले कई सालों से चिंताजनक रही है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ था। अब विधानसभा में उठाए गए इस मुद्दे के बाद जल्द ही मरम्मत और निर्माण कार्य की गति तेज होने की उम्मीद है।



