कोल लेवी घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्तियां अटैच

रायपुर, 12 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी 2.66 करोड़ रुपये की 8 अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इन संपत्तियों में जमीन के टुकड़े और रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। इसके साथ ही इस मामले में अब तक ED द्वारा अटैच की गई संपत्तियों का आंकड़ा 273 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
ED रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के माध्यम से की गई है। जांच में सामने आया है कि ये संपत्तियां कोयला लेवी की अवैध वसूली से अर्जित धन से खरीदी गई थीं और इन्हें रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कराया गया था।
540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का खुलासा
ED की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच राज्य के कुछ वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से एक संगठित कोल ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट चलाया जा रहा था। इस सिंडिकेट के जरिए हर टन कोयले पर 25 रुपये की दर से कोयला ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली की गई, जिससे करीब 540 करोड़ रुपये जुटाए गए।
यह पैसा सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने, चुनावी खर्चों को फंड करने और चल-अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। अब तक 273 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच किया जा चुका है।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
इस घोटाले में ED अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही 35 आरोपियों के खिलाफ 5 अभियोजन शिकायतें PMLA विशेष न्यायालय में दाखिल की जा चुकी हैं। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी और खुलासे हो सकते हैं।
किन मामलों के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने यह जांच
- बेंगलुरु पुलिस की FIR नंबर 129/2022,
- आयकर विभाग की अभियोजन शिकायत नंबर 3167/2023 (19 जून 2023)
और - EOW/ACB रायपुर की FIR नंबर 03/2024 (11 जनवरी 2024)
के आधार पर शुरू की थी।



