अरपा नदी का जल संकट बढ़ा : बिलासपुर नगर निगम ने अधूरे STP निर्माण पर श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को लगाई 2.22 करोड़ की पेनल्टी, जल्द पूरा करने का दिया अल्टीमेटम

बिलासपुर। अरपा नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए जा रहे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में लगातार देरी के चलते बिलासपुर नगर निगम ने ठेका कंपनी श्रद्धा कंस्ट्रक्शन पर 2.22 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाने के साथ काम जल्द पूरा करने की चेतावनी दी है।
नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के जवाली नाले सहित 70 नाले और नालियों का लगभग 135 एमएलडी गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे अरपा नदी में छोड़ा जा रहा है। इनमें से 110 एमएलडी पानी ग्यारह बड़े नालों के जरिए नदी में पहुंचता है। मंगला से दोमुहानी तक नदी के दोनों किनारों पर रिहायशी क्षेत्रों का गंदा पानी लगातार मिल रहा है।
नगर निगम के नल जल विभाग का कहना है कि प्रतिदिन सप्लाई किए जाने वाले पानी का 90 फीसदी हिस्सा टॉयलेट से होकर अरपा नदी में लौटता है। इसे रोकने के लिए 6 एसटीपी प्लांट की योजना बनाई गई थी, लेकिन अधूरे काम के कारण फिलहाल इसका कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।
निर्माणाधीन एसटीपी में मंगला में 10 एमएलडी का काम 75 प्रतिशत, मंगला में 6 एमएलडी का काम 90 प्रतिशत और कोनी में 2 एमएलडी का काम अंतिम चरणों में है। पचरीघाट में 1 एमएलडी का काम अभी शुरू हुआ है। निगम का दावा है कि ये सभी प्लांट मार्च 2026 तक तैयार हो जाएंगे।
एसटीपी क्या है:
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) घरों, दफ्तरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करके उसे सुरक्षित और पुन: उपयोग योग्य बनाता है, ताकि नदी और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।



