बलौदाबाजार में कुएं में गिरे तीनों हाथियों को 8 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया, ग्रामीणों ने वन विभाग पर जताई नाराजगी

बलौदाबाजार। बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र के ग्राम हरदी में देर रात खेतों की ओर पहुंचे तीन हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, कुएं में गिर गए। करीब आठ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से तीनों हाथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, देर रात हाथियों का झुंड गांव के खेतों की ओर पहुंचा था। इसी दौरान तीन हाथी खुले कुएं में गिर गए। सुबह ग्रामीणों ने हाथियों की आवाजें सुनकर इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही रेंजर गोपाल वर्मा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
टीम ने जेसीबी की मदद से कुएं का किनारा काटकर रास्ता बनाया, जिससे पहले एक शावक और दो हाथियों को बाहर निकाला गया। इसके बाद तीसरे हाथी को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान कुएं के पास लगे सोलर पैनल टूटे मिले, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि झुंड रात में भ्रमित होकर कुएं में गिर गया।
हालांकि, रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि हाल ही में इसी क्षेत्र में एक ग्रामीण कनकुराम ठाकुर की हाथी के हमले में मौत हो गई थी, तब विभाग तत्काल मदद के लिए नहीं पहुंचा, जबकि हाथियों के गिरने पर तुरंत टीम और जेसीबी भेज दी गई।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी विरोध किया कि रेस्क्यू के दौरान जेसीबी चलने से उनकी फसलें खराब हो जाएंगी, लेकिन समझाइश के बाद वे शांत हुए और सहयोग किया।
गौरतलब है कि इस समय बारनवापारा के जंगलों में लगभग 28 हाथियों का दल सक्रिय है। हाल के दिनों में इन हाथियों की आवाजाही से क्षेत्र के कई गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर नहीं देता, जिससे हादसे लगातार हो रहे हैं।
➡️ मुख्य बिंदु:
- ग्राम हरदी में कुएं में गिरे तीन हाथी और एक शावक
- 8 घंटे चले रेस्क्यू के बाद सभी सुरक्षित निकाले गए
- रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
- हाल ही में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत पर विभाग की निष्क्रियता पर सवाल
- बारनवापारा क्षेत्र में 28 हाथियों का दल सक्रिय



