कोलर में दीपावली का महा उत्सव: मंत्री गुरु खुशवंत सिंह की घोषणा, मेधावी छात्रों का सम्मान और कवियों की धमाकेदार प्रस्तुति से गूंजा गांव

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025 कोलर ग्राम ने मातर और भाईदूज के अवसर को इस बार और भी खास बना दिया। यहां ग्राम गौरव प्रतिभा परिवार सम्मान सह दीपावली मिलन समारोह और विराट हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब रहे, जबकि अध्यक्षता अंचल के लोकप्रिय विधायक इंद्रकुमार साहू ने की।
मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुए कार्यक्रम के प्रथम सत्र में गांव के 10वीं व 12वीं में उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं सहित लगभग 20 शिक्षकों को शाल, स्मृतिचिन्ह एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संचार क्रांति की दिशा में प्रदेश नई ऊंचाइयां छू रहा है। एआई हब और रोबोटिक्स की पढ़ाई से युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं। साथ ही उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर सारखी के अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए 7 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक इंद्रकुमार साहू ने भाईदूज के पवित्र संबंध को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम की प्रशंसा की और समिति को 10 हजार रुपए देने की घोषणा की।
सम्मानित प्रतिभाओं में लोकमणि यादव, मनोज कुमार साहू, सत्येंद्र साहू, प्रदीप साहू, शिवकांत साहू, रघुराम साहू, मोनिका साहू, मुक्तानंद ध्रुव, शेषनारायण साहू, गयाराम ध्रुव, शिवकुमार टंडन, लता साहू, सरोज यादव, हरिराम यादव, ओमप्रकाश टंडन, होरीलाल ध्रुव, द्वारिका प्रसाद साहू, खेमलता साहू, भूपेंद्र साहू और चुनूराम साहू शामिल रहे।
द्वितीय सत्र में आयोजित विराट हास्य कवि सम्मेलन ने दर्शकों को खूब हँसाया और भावविभोर किया। कवि कृष्णा भारती ने अपनी छत्तीसगढ़ी रचनाओं से तालियां बटोरीं। भरत द्वेदी ने पिता पर कविता पढ़कर सभी को भावुक कर दिया। डॉ मयंक शर्मा ने वीर रस से देशभक्ति का जोश जगाया, वहीं अंजुलता साहू की श्रृंगार रस की रचनाओं ने वातावरण में उत्साह घोल दिया। संचालन मनोज शुक्ला और डिकेश्वर साहू ने संभाला।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, रायपुर जिला पंचायत सभापति अन्नू तारक, खेलूराम साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश ढीढी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। आभार गजेंद्र कुमार साहू ने व्यक्त किया।
कोलर गांव की यह सांस्कृतिक और साहित्यिक शाम दीपों की रोशनी की तरह यादगार बन गई।



