रायपुर: लाखे नगर में गणेश प्रतिमा विवाद पर बवाल, पुलिस बल तैनात – 4 घंटे बाद शांत हुआ माहौल

रायपुर। राजधानी के लाखे नगर में सिंधी युवा एकता गणेश उत्सव समिति द्वारा स्थापित भगवान गणेश की AI प्रतिमा को लेकर गुरुवार रात जमकर हंगामा हुआ। पंडाल के बाहर राम भक्त सेना और अन्य हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि भगवान के स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगाकर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें खड़ी कर दीं। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर 12 थानों के थानेदार और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। अंततः पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद मूर्ति को पर्दे से कवर किया गया और लगभग 4 घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया।
क्या हैं आरोप?
- हिंदू संगठनों ने समिति पर फिल्मी और अशोभनीय गीत बजाने का आरोप लगाया।
- आरोप है कि 4 सितंबर की सुबह लगभग 2:18 बजे पंडाल में डांस कार्यक्रम के साथ अश्लील गीत चलाए गए।
- संगठन का कहना है कि समिति को पहले ही भगवान गणेश की प्रतिमा मूल स्वरूप में स्थापित करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया।
पुलिस कार्रवाई
आजाद चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इस दौरान स्टेज की लाइट बंद करा दी गई थी, जबकि बजरंग दल के कार्यकर्ता हनुमान भजन गाकर विरोध दर्ज कराते रहे।
सनातन धर्म का अपमान – पुजारी
नील कंठेश्वर मंदिर के पुजारी नील कंठेश्वर महाराज ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सनातन धर्म का अपमान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों द्वारा पहले ज्ञापन दिए जाने के बावजूद समिति ने लापरवाही बरती।
हंगामे और विरोध के बावजूद गणेश पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोग गणपति की फोटो क्लिक करते रहे।



