सस्ती छत का सपना होगा साकार: छत्तीसगढ़ में लागू होगा ‘किफायती जन आवास नियम 2025’, गरीब-मध्यम वर्ग को राहत

रायपुर, 21 जून 2025 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में हर परिवार को पक्का मकान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 को मंजूरी दे दी है, जो राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो जाएगा। इस नई नीति का उद्देश्य गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ती दरों पर प्लॉट और मकान उपलब्ध कराना है।
अवैध प्लॉटिंग पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी कानूनी कॉलोनियों की संख्या
वर्तमान में विशेष प्रावधानों की कमी के कारण राज्य में अवैध प्लॉटिंग तेजी से बढ़ रही थी। इसे नियंत्रित करने के लिए नई नीति में कई अहम बदलाव किए गए हैं:
- सामुदायिक खुला स्थान में अब केवल 5% स्थान छोड़ना होगा, जो कम से कम 250 वर्गमीटर होना चाहिए।
- आवासीय और कृषि दोनों भू-उपयोग की भूमि पर कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी गई है।
- एकल व संयुक्त आवेदन की सुविधा दी गई है, जिससे अब भू-स्वामी के साथ अन्य इच्छुक निवेशक भी आवेदन कर सकेंगे।
छोटे प्लॉट्स की प्लॉटिंग को मिली मंजूरी
नई नीति के तहत निजी बिल्डरों और डेवलपर्स को छोटे भूखंडों की प्लॉटिंग की अनुमति दी गई है, जिससे सस्ते मकानों का निर्माण संभव हो सकेगा।
प्लॉट और भवन विकास के नियम:
- कॉलोनी क्षेत्रफल: 2 से 10 एकड़ तक
- सहप्रकोष्ठ विकास: न्यूनतम 3.25 एकड़ (जिसमें 1.25 एकड़ प्रकोष्ठ विकास के लिए जरूरी)
- प्रकोष्ठ इकाई आकार: अधिकतम 90 वर्गमीटर
- सड़क चौड़ाई: 9 मीटर
- भवन ऊंचाई: अधिकतम 12 मीटर, 4 मंजिल तक अनुमति
- एफएआर: 1.5
रेरा की भी सहमति
रेरा (छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) ने भी इस नई नीति को मंजूरी दी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को अवैध कॉलोनियों की बजाय वैध और सुविधायुक्त आवास मिल सकें।
क्या होगा लाभ?
- गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ते प्लॉट और मकान
- अवैध प्लॉटिंग में कमी
- कानूनी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी
- बिल्डरों और डेवलपर्स को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय सरकार की यह नीति “हर परिवार को छत” के संकल्प को मजबूत करती है और शहरी विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है।



