छत्तीसगढ़: BJP के बाद अब JCCJ ने की कलेक्टर और SDM को हटाने की मांग

रायपुर। बीजेपी के बाद अब जेसीसीजे ने बीजापुर कलेक्टर और एसडीएम को हटाने की मांग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है। जेसीसीजे ने आरोप लगाया है कि बीजापुर रिटर्निंग आफिसर के कक्ष में मंगलवार को EVM मशीनें और बीजेपी-कांग्रेस की VVPAT पर्चिंयां मिली थी। इस संबंध में जेसीसीजे प्रत्याशी के पूछताछ करने पर रिटर्निंग आफिसर गोलमोल जवाब देकर बात टालते दिखे। इस पूरे मामले को लेकर जेसीसीजे कैंडिडेट रामधार जूरी ने आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं मुख्य प्रवक्ता ने कलेक्टर और एसडीएम को हटाने की मांग की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद अब 90 विधानसभा सीटों पर मतगणना की तैयारी जारी है। 3 दिसंबर को होने वाले मतगणना से पहले बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा की मुश्किले कम होने का नाम ही नही ले रही है। पहले बीजेपी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से कलेक्टर राजेंद्र कटारा की शिकायत की थी। शिकायत में सांसद विजय बघेल ने राजेंद्र कटारा के विरुद्ध पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने और अपना झुकाव कांग्रेस व कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति प्रदर्शित करने का गंभीर आरोप लगाया था। अभी ये मामला शांत भी नही हुआ था कि अब जेसीसीजे ने बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और रिटर्निंग आफिसर को मतगणना से पहले हटाने की मांग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है।
जेसीसीजे के मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बीजापुर प्रत्याशी रामधार जूरी मंगलवार को मतगणना के लिए एजेंट की प्रक्रिया पूरी करने बीजापुर रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में गए थे। इस दौरान उन्हें वहां कुछ ईवीएम मशीनों के साथ ही कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों की वीवीपेट पर्चियां भी दिखी।
मौके पर पहुंचे बीजापुर एसडीएम पवन प्रेमी से जब इस संबंध में जानकारी चाही गयी तब उन्होने गोलमोल जवाब देते हुए पहले इन पर्चियों को जिला पंचायत चुनाव का बताया और कोई सही जवाब नहीं दिया। जोगी कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पूर्व में भी बीजापुर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में कार्य करने के आरोप लगे हैं।



