छत्तीसगढ़ और झारखंड का सफर होगा छोटा, चुनार-चोपन रेलखंड दोहरीकरण के लिए मिले 1423.96 करोड़

प्रयागराज से झारखंड और छत्तीसगढ़ का सफर अब छोटा हो जाएगा। यहां से चुनार-चोपन के रास्ते इन दोनों राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनें कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगी। यह संभव होगा प्रयागराज चुनार-चोपन रेल लाइन के दोहरीकरण से। बजट मंजूर हो गया है। दोहरीकरण का कार्य कुल 1423.96 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
बजट के बाद रेलवे की पिंक बुक में ही इस रेलखंड के दोहरीकरण की बात कही गई। फिलहाल भारतीय रेल ने गति शक्ति अभियान के तहत चुनार-चोपन समेत कुल सात महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट के लिए बुधवार को बजट आवंटित कर दिया। इन सात प्रोजेक्ट में तीन प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर यूपी को फायदा हो रहा है। बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में महाप्रबंधक सतीश कुमार ने संवाददाताओं से हुई बातचीत में बताया कि इसकी कुल लंबाई 101.58 किमी है। वर्तमान समय इस रूट पर प्रयागराज से होकर गुजरने वाली रांची राजधानी, मुरी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस समेत 14 यात्री ट्रेन और तकरीबन दो दर्जन मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है।
इस रूट के दोहरीकरण हो जाने से यात्रा के समय में कमी होगी तो वहीं माल ढुलाई में भी वृद्धि आएगी। यह रेल लाइन हावड़ा से दिल्ली को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को राष्ट्र के ऊर्जांचल से जोड़ने का भी विकल्प है। झारखंड से कोयला लेकर आने वाली तमाम मालगाड़ी भी इस रूट से चलती हैं।
जीएम ने बताया कि चुनार-चोपन के अलावा यूपी को दो और प्रोजेक्ट की भी सौगात मिली है। गोरखपुर से वाल्मीकि नगर रेलखंड के दोहरीकरण को भी मंजूरी मिली है। इस रेलखंड की लंबाई 96 किमी है। इसके अलावा 374 किमी लंबे सोननगर-अंडाल खंड के लिए तीसरी एवं चौथी लाइन के लिए भी 13606 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उससे उत्तर से पूर्व जाने वाले माल यातायात के त्वरित संचालन में मदद मिलेगी। साथ ही कंजेशन में कमी आने से हावड़ा-प्रयागराज के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के समय में भी बचत होगी। इस अवसर पर डीआरएम हिमांशु कुमार बडौनी के सार्थ ईस्टर्न चैंबर ऑफ कामर्स के जीएस दरबारी, विनय टंडन, राजीव नैयर आदि मौजूद रहे।



