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आत्मनिर्भर बनने में बालाघाट के युवा अव्वलइंदौर दूसरे नंबर पर रहा

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-नौकरी की बजाय सरकारी मदद से स्वावलंबी बन रहे युवा
भोपाल (ईएमएस)। अब युवा नौकरी के लिए चक्कर लगाने के बजाय सरकारी मदद हासिल कर अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में उद्योग केंद्रों की मदद से ऋण ले कर एक साल में प्रदेश में 15091 प्रोजेक्ट स्वरोजगार योजना के तहत शुरू हुए। सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट बालाघाट (664) में शुरू हुए। इंदौर (649) दूसरे नंबर पर है। ग्वालियर, जबलपुर को पीछे छोड़ते हुए शहडोल, नरसिंहपुर, गुना, अलीराजपुर, भिंड में ज्यादा लोगों ने आत्मनिर्भर बनने के साथ लोगों को रोजगार भी दिया। पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय में जनरल मैनेजर एसएम मंडलोई के निर्देशन में काम करने वाली टीम रोजगार की योजनाओं को कसौटी पर कसने के बाद बैंकों को भेजती है और बैंक लोन मंजूर करते हैं।
एमएसएमआई यानी लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए लागू प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एक क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम है, जिसमें एमएसएमई मंत्रालय द्वारा ग्रामीण व शहरी इलाके में रोजगार के अवसर के लिए बैंक से लोन दिलाया जाता है। 20 से 50 लाख तक लोन मिलता है। इसमें 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। शहर में खुद की इकाई शुरू करने पर 25 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में शुरू करने पर 35 प्रतिशत सब्सिडी देते हैं यानी 50 लाख पर 17 लाख की सब्सिडी। लोग खासकर युवा योजना का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। एक साल में प्रदेश में 15091 प्रोजेक्ट को 45934.6 लाख लोन के प्रस्ताव मंजूर हुए।
कोरोना काल के बाद बढ़ गई संख्या
वर्ष 2021-22 में कुल प्रोजेक्ट की संख्या करीब 1510 ही थी, जो वर्ष 2022-23 में बढक़र 15 हजार पार हो गई। करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कोरोना काल के बाद लोग खासकर युवा नौकरी तलाशने के बजाय सरकारी मदद से व्यापार शुरू करने में रुचि दिखा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस साल इंदौर में 330 लोन केस मंजूर हुए, इनमें 186 पुरुष व 144 महिला उद्यमी शामिल हैं। इनमें से 24 इकाइयां ग्रामीण इलाकों में खोली गईं।
केस-1: अन्य महिलाओं को भी दिया रोजगार
सिंहासा में भी एक महिला ने पैकिंग यूनिट स्थापित की है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को प्रधानमंत्री रोजगार योजना में सब्सिडी वाला लोन मिला। कुछ अन्य महिलाओं को भी इकाई में रोजगार दिया है।
केस-2: ग्रामीण इलाके में इकाई शुरू कर बनीं महिला उद्यमी
12वीं तक पढ़ी 36 वर्षीय महिला ने जिला उद्योग केंद्र से करीब 49 लाख रुपए का लोन लेकर महू में इकाई शुरू की। फैक्टरी में ईंधन फ्यूल ब्रीकेट बनाए जा रहे हैं, जो उद्योगों को सप्लाय होते हैं।
जिला प्रोजेक्ट राशि मंजूर (लाख में)
अलीराजपुर 448 902.72
भिंड 445 1897.00
टीकमगढ़ 427 1047.65
खरगोन 399 1138.54
जबलपुर 294 1570.81
ग्वालियर 216 918.45
जिला प्रोजेक्ट राशि मंजूर (लाख में)
बालाघाट 664 1408.70
इंदौर 649 2804.34
भोपाल 634 2060.17
शहडोल 563 1197.90
नरसिंहपुर 518 2052.31
गुना 489 869.09

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Shelendra Shrivas

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