कोरोना वायरस जैसे हैं लक्षण, रहें सावधान भोपाल : मंगलवार, जुलाई 25, 2023। मौसम में बदलाव से एडिनो वायरस आंख आना का खतरा बढ़ गया है। यह एक ऐसा वायरस है। जिसके प्रभाव से आंखें लाल व खुजली होना, जलन महसूस होने की समस्या होती है। डॉक्टरों की भाषा में इसे कंजेक्टिवाइटिस कहा जाता है। इस बीमारी में बुखार, आवाज बैठना, नाक बहना आदि की समस्या सामने आ रही है। इस बीमारी के शहर के अस्पतालों में पीड़ित मरीज तेजी से पहुंच रहे है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज हमीदिया की ओपीडी में पहुंच रहे है। मौसम बढ़ा रहा संक्रमण चिकित्सकों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद गर्मी और उमस बढऩे से इस बार आई फ्लू के मरीजों की संख्या ज्यादा आ रही है। इस बीमारी में बच्चों के साथ बुजुर्ग भी पीडित है। इसमें ठीक होने में छह से सात दिन का समय लग रहा है। इसके बचाव का सबसे बेहतर उपाय है कि लोग आंखों से हाथ को दूर रखें। बार- बार आंख छूने पर यह बीमारियां फैलती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश चौहान के मुताबिक आंखों में होने वाली किसी भी तरह के समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर समय रहते समस्या का निदान हो जाए तो न सिर्फ आंखों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है साथ ही लंबे समय तक रोशनी को बनाए रखना भी आसान हो जाता है। सिर और आंखों में अक्सर दर्द की समस्या लगातार आंख या सिर में दर्द की समस्या बने रहना आंखों की गंभीर बीमारियों की ओर संकेत हो सकता हैं, इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कंप्यूटर और मोबाइल जैसे स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों में इस तरह की दिक्कत अधिक देखने को मिलती है। आंखों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलकर समस्या का निदान और इलाज कराना बहुत आवश्यक माना जाता है। रात के समय कम दिखाई देना क्या आपको दिन ढलते ही आंखों की रोशनी में कमी का अनुभव होता है? अगर हां तो इस बारे में तुंरत किसी विशेषज्ञ से सलाह ले लें। मोतियाबिंद, रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा जैसी कुछ स्थितियां आंखों को स्वाभाविक रूप से अलग-अलग रोशनी वाले परिवेश, विशेष रूप से अंधेरे में समायोजित करने से रोक सकती हैं। इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए समय पर स्थिति का सही निदान और इलाज किया जाना आवश्यक है। आंखों में चुभन या पानी आना पिछले कुछ वर्षों में लोगों में ड्राई आइज की समस्या काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी गई है। इस स्थिति में आंखों में चुभन, लालिमा और कुछ स्थितियों में आंखों को खोलने तक में दर्द का अनुभव हो सकता है। इसी तरह आंखों से अक्सर पानी आने की समस्या को भी अस्वस्थ संकेत माना जाता है। यह दोनों ही स्थितियां समय के साथ आंखों की रोशनी को प्रभावित करती हैं साथ ही कई अन्य गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं। इसे अनदेखा न करें। साफ और स्पष्ट न दिखना कई कारणों से आपकी दृष्टि की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मोतियाबिंद, उम्र के साथ आंखों में होने वाली समस्या, मैकुलर ओडिमा जैसी आंखों की बीमारियां भी आपकी दृष्टि को कमजोर कर देती हैं। यदि आपको भी सामान्य प्रकाश में चीजों को स्पष्ट देखने में समस्या का अनुभव हो रहा हो तो इस बारे में किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह ले लें। समय पर इलाज हो जाने से आंखों की रोशनी जाने से बचाई जा सकती है।