
-आवेदक को आज्ञात मोबाइल से काल आया ।
-जिसमें फरियादी को धर्म परिवर्तन की धमकी दी गई ।
-आवेदक द्वारा इसकी शिकायत थाना कोतवाली मे की गई । जिसमे त्वरित
कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
भोपाल : सोमवार, जुलाई 24, 2023। वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस उपायुक्त जोन-03 (ष्ठष्टक्क) रियाज इकबाल, अति. पुलिस उपायुक्त राम स्नेही मिश्रा के मार्गदर्शन एवं सहायक पुलिस आयुक्त ( ्रष्टक्क) नागेन्द्र पटेरिया एवं थाना प्रभारी कोतवाली के दिशा निर्देशन में थाना कोतवाली एवं सायबर टीम द्वारा फर्जी सिम तैयार करने वाले 03 पीओएस / एजेंटों को गिरफ्तार किया गया।
फरियादी नीरज सोनी निवासी गुर्जरपुरा कोतवाली भोपाल के द्वारा थाना कोतवाली आकर बताया कि उसे धर्म परिवर्तन करने की धमकी आज्ञात मोबाईल नंबर 8305083019 से मिली है जिस पर अपराध कं 170 / 23 धारा 507 आईपीसी ईजाफा धारा 420 भादवि 66 सी आईटी एक्ट धारा 3 (1) (क) / 5 म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता मध्यप्रदेश 2021 का दर्जकर विवेचना में लिया गया।
फरियादी के पास अज्ञात मोबाइल नंबर 8305083019 से फोन आता है और फरियादी को धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी जाती है। जिस नंबर से फरियादी को फोन किया जाता है उसकी लोकेशन राजस्थान भरतपुर के नजदीक आती है टीम रवाना होकर भरतपुर में उक्त अज्ञात नंबर की लोकेशन पर आरोपी को तलाश करती है, किंतु आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है बाद उक्त मोबाइल नंबर के कैफ धारक की तलाश हेतु टीम सीधी सिंगरौली रवाना होती है और कैफ धारक को तलाश किया जाता है जो कैफ धारक प्रवेश पिता जगजीवन प्रसाद निवासी अंबेडकर वार्ड थाना सरई जिला सिंगरौली को तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर प्रवेश द्वारा बताया गया कि उसने ब्रजेश से एक ही सिम कार्ड लिया है इस सबंध में ब्रजेश को तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो बृजेश पिता रामदयाल निवासी घुरबंधा थाना भूईमाड़ जिला सीधी के द्वारा जानकारी दी गई की उसके पास छ्वढ्ढह्र तथा ङ्कढ्ढ की एजेंट आईडी है जिससे वह जब कोई कस्टमर ङ्कढ्ढ सिम ईशु कराने आता है तो वह कस्टमर का फिगर दूसरी बार लगा कर साथ ही एक छ्वढ्ढह्र की सिम एक्टिवेट कर लेता था छ्वढ्ढह्र की एक्टिवेट की गई सिम को वह अवैध लाभ कमाने के लिए अनिल जायसवाल नितिन गुप्ता एव रमेश को बेच दिया करता था। अनिल जायसवाल, नितिन गुप्ता एवं रमेश पीओएस एजेंट है जो स्वयं भी फर्जी तरीके से एक्टिवेट की गई सिम को बल्क में राजस्थान व अन्य राज्यों के आरापियों को बेच दिया करते थे। जिन सिमों को उपयोग सायबर अपराध व अन्य अपराधों में किया जाता है।
पुलिस कार्यवाही के दौरान तकनिकी एनालिसिस के आधार पर आरोपी ब्रजेश जायसवाल, नितिन गुप्ता एवं रमेश कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर तीनों आरोपियों के पास से 03 मोबाईल फोन, 03 बायोमैट्रिक डिवाइस, 09 एक्टिवेटेड फर्जी सिम और 1 राजिस्टर जिस पर एक्टिवेट की गई सिम के बारकोड चस्पा है, जप्त किया जाकर आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। प्रकरण में आरोपी एजेंट अनिल कुमार जायसवाल तथा सिम खरीद कर दुरूपयोग करने वाले राजस्थान निवासी आरोपी आसिफ पिता राजाक, जहीर पिता आंसू, मेहबूब पिता इसाक, ओसामा पिता हरून की गिरफ्तारी होना शेष है।



