
भोपाल : मंगलवार, जुलाई 4, 2023/ बैरसिया थाना इलाके में सागौदरा नदी के पास स्थित जंगलों में बकरियां चराने गये 16 साल के किशोर की बेरहमी से हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियो को गिरफ्तार किया है, आरोपी आपस में जीजा-साले लगते है। आरोपी मृतक नाबालिग की बकरियां चोरी करने गये थे, और विरोध करने पर उन्होंने उसकी हत्या कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बैरसिया थाना इलाके में स्थित ग्राम ललरिया में रहने वाला जुबैर पुत्र आरिफ खां (16) बकरा-बकरी पालकर बेचने का काम करता था। रोजाना की तरह जुबैर रविवार सुबह करीब 10 बजे घर के पास स्थित सागौदरा नदी के आस-पास के जंगलों में बकरियां चराने गया था। लेकिन देर शाम सात बजे तक जब वो वापस नहीं आया तब परिवार वालो को उसकी फिक्र हुई और उसके पिता सहित अन्य रिश्तेदारो ने उसकी तलाश् शुरु की। खोजबीन करते हुए जुबैर के चाचा नदी के पास पहुंचे जहां उन्हे एक नाले के पास में जुबैर का शव झाड़ियों में पड़ा नजर आया। उसके सिर में घातक चोटों के निशान थे। सूचना मिलने पर परिजनो सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल की जॉच के बाद मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बैरसिया सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आगे की पड़ताल शुरु की शुरुआती जॉच में जुबैर के परिवार वालो ने पुलिस को बताया कि जुबैर 16 बकरियां लेकर चराने के लिये जंगल गया था, लेकिन उसके सभी बकरा-बकरी गायब हैं। साथ ही परिवार वााले ने यह भी बताया कि आखिरी बार जुबैर को गॉव मे ही रहने वाले राजा नाम के युवक के साथ देखा गया था। पुलिस ने सदेंह के आधार पर राजा को हिरासत में लेकर सख्ती से पुछताछ की जिसमें अधें कत्ल का राजफाश हो गया। राजा ने पुलिस को बताया कि उसने अपने नारीयलखेड़ा में रहने वाले जीजा शोएब के साथ मिलकर बकरियां चोरी करने की साजिश रची थी। मृतक जुबैर आरोपी राजा को जानता था, राजा को यह बात मालूम थी कि जुबैर के पास काफी अच्छे मवेशी हैं, और जुबैर अधिकतर अकेला ही उन्हें जंगल की तरफ लेकर जाता है। अगर उसके मवेशी चोरी कर बाजार में बेचे जाए तो काफी रकम मिल सकती है। लेकिन जुबैर के हर समय मवेशियो के पास रहने के चलते उन्होनें तय किया की बकरा-बकरी चोरी करने के लिये जुबैर की हत्या करना जरूरी है,वरना वो उन्हें जेल भिजवा देगा। योजना के अनुसार रविवार को जुबैर के जंगल की जाते ही राजा उसके पीछे चला गया वहीं उसका जीजा शोएब पहले से ही गांव में मौजूद था। जंगल में राजा दबाव डालकर जुबैर को नाले की तरफ लेकर पहुंचा। वहां जीजा और साले ने मिलकर जुबैर के सिर पर डंडे से घातक वार किया जिससे वो बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसकी मौत की पुष्टी करने के लिए उन्होंने जुबैर का गला भी घोंटा। जुबैर की हत्या के बाद दोनो उसके मवेशियो को घेरकर एक जगह जमा किया और नारियलखेड़ा में रहने वाले अपने साथी फैज, फरीद और इमरान को फोन कर बुला लिया। तीनों की मदद से मवेशियों को वाहन में भरा गया। इसके बाद शोएब ने सभी मवेशी अपने घर में बांध लिए। बताया गया है कि आरोपी शोएब ने अपने अन्य साथियो को मवेशी चोरी की बात तो बताई थी, लेकिन यह नहीं बताया था कि इस चोरी के लिये उसने जुबैर की हत्या की है। लेकिन उन्हें यह लालच दिया था कि मवेशी बेचने पर मिलने वाली रकम को पॉचो के बीच बराबर बांटा जाएगा। खुलासे के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गई सभी बकरा-बकरी जब्त करने के साथ ही उस लोडिंग वाहन को भी जप्त कर लिया है, जिसमें भरकर उन्हें ले जाया गया था। पुलिस ने वाहन मालिक सहित अन्य दो सहियोगियों को भी आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जायेगा।



