एमपी स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन के तीन घुसखोर अफसरों को तीन-तीन साल का सश्रम कारावास

भोपाल : शनिवार, जुलाई 1, 2023/ लोकायुक्त मामले की विशेष अदालत में न्यायाधीश संदीप कुमार श्रीवास्तव ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एमपी स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन के तीन अफसरों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ ही अर्थ दंड का भी फैसला सुनाया है। दोषी अफसरो ने दस साल पहले ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक से दो लाख रूपए के बिल भुगतान के ऐवज में रिश्वत की मांग की थी। फरियादी की शिकायत पर भोपाल लोकायुक्त पुलिस टीम ने उन्हें दबोचा था। जानकारी के अनुसार दोषी कर्मचारियो में तत्कालीन वाहन शाखा प्रभारी राजीव लोचन शर्मा, लिपिक रामजी प्रसाद चौधरी और लेखापाल अनिल प्रकाश सोनी शामिल है। मामले में फरियादी ट्रैवल कंपनी संचालक हरिओम रघुवंशी ने साल अप्रैल 2013 में लोकायुक्त टीम को शिकायत करते हुए बताया था कि उसकी ट्रैवल कंपनी के वाहन खनन निगम से जुड़े हुए थे। उसके करीब दो लाख के बिल का भूगतार करने के ऐवज में आरोपी उससे रिश्वत की मांग कर रहे है, और रिश्वत न देने पर आरोपियो ने उसके बिलो को क्लीयर न करने की धमकी दी है शिकायता मिलने पर लोकायुक्त टीम ने 16 अप्रैल, 2013 को राज्य खनन निगम के तीनो अरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार करते हुए आरोपी कर्मचारी राजीव लोचन शर्मा से 5 हजार, एलडीसी रामजी प्रसाद चौधरी से एक हजार और अकाउंटेंट अनिल प्रकाश सोनी से 2 हजार रुपये बरामद किए थे। तीनो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओ मे मामला कायम किया गया था । सुनवाई पूरी होने पर तीनों दोषियों राजीव लोचन वर्मा, रामजी प्रसाद चौधरी और अनिल प्रकाश सोनी को धारा 7-ए/13 – 1-डी/13-2- के तहत दोषी करार देते हुए धारा 7 में तीन-तीन साल की सजा और पांच-पांच हजार रूपए का अर्थदंड दिया गया। बाकी अन्य धारा में तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार रूपए के अर्थदंड की सजा से दण्डित किया गया है।



