
नई दिल्ली: करोल बाग में रहने वाले 23 साल के सुमित ने कुछ दिन पहले एक मोबाइल ऐप से 5,000 रुपये का लोन लिया। अकाउंट में 3,927 रुपये ही आए लेकिन ब्याज वगैरह मिलाकर उन्हें कुल 5,400 रुपये चुकाने थे। रकम चुकता करने के लिए 30 दिनों का वक्त मिला था मगर दो हफ्ते बाद ही फोन आने लगे। कॉल करने वाला धमकाता कि कर्ज चुकाओ नहीं तो बदनाम कर देगा। सुमित के वॉट्सऐप पर भी धमकियां आने लगीं। उन्हें उनकी कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट का स्क्रीनशॉट भेजा गया और कुछ गंदी तस्वीरें भी। इसमें किसी और के चेहरे पर सुमित का चेहरा लगाया हुआ था। मोबाइल में सेव कुछ निजी तस्वीरें भी इन लोगों के पास थीं। सुमित के फोन में मौजूद नंबर्स को वो तस्वीरें भेजी जाने लगीं। सुमित ने दोस्तों से उधार लेकर किसी तरह रकम लौटाई। सुमित अकेले ऐसे नहीं हैं। दिल्ली-एनसीआर के हजारों लोग इन लोन ऐप्स का शिकार बने। दिल्ली पुलिस ने चीनी लोन ऐप्स के जरिए ब्लैकमेलिंग का रैकेट चलाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है।
- पीड़ित अपने फोन में लोन ऐप डाउनलोड करता है। इंस्टॉलेशन के दौरान ऐप यूजर से फोन का डेटा जैसे SMS, फोटोज, स्टोरेज एक्सेस करने की इजाजत मांगती है।
- लोन अप्लाई करने के बाद बताई गई रकम का 60-70% अकाउंट में आ जाता है। बाकी प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के नाम पर काट लिया जाता है।
- वह लोन ऐप यूजर के फोन मे मालवेयर इंस्टॉल कर देती है। इसके बाद फोन हैक हो जाता है। आपके फोन में मौजूद हर डेटा हैकर्स के पास पहुंचता है।
- फिर ब्लैकमेलिंग और रीपेमेंट के लिए कॉल्स का सिलसिला शुरू होता है। ब्याज ज्यादा मांगा जाने लगता है, हिडन चार्ज बताए जाते हैं।
- गैंग यूजर के कॉन्टैक्ट्स को टारगेट करता है। उन्हें परेशान करके पीड़ित को मजबूर किया जाता है। कई बार लोन चुकाने के बाद भी यह जारी रहता है।
- महिलाओं को सोशल मीडिया पर मौजूद उनकी तस्वीरों से छेड़छाड़ करके परेशान किया जाता है। ये तस्वीरें दोस्तों, सहकर्मियों और फैमिली मेंबर्स को भेजी जाती हैं।जब तक मांगी गई रकम चुका न दी जाए, ये सब चलता रहता है।
नॉर्थ दिल्ली में रहने वाली 21 साल की युवती के पैरंट्स को वॉट्सऐप पर बेटी की न्यूड तस्वीरें मिलीं। फिर एक महिला का फोन आया जिसने कहा कि उनकी बेटी ने 3,500 रुपये का लोन लिया है, उसे चुकाओ। उन्होंने तुरंत रुपये जमा कर दिए लेकिन मॉर्फ्ड तस्वीरों के साथ गंदे-गंदे मेसेज आने का सिलसिला नहीं रुका।
दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की। वो नंबर सर्विलांस पर लगाया जिससे कॉल आया था। साउथ ईस्ट दिल्ली के एक कॉल सेंटर से 18 लोग अरेस्ट किए गए, इनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। यह कॉल सेंटर एक फायनेंस कंपनी की आड़ में चल रहा था। आधा काम फायनेंस विंग का था और बाकी में ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन का धंधा चलता था। यह गैंग VoIP सिम के जरिए कॉल करता था।



