न डरें, न चुप रहें… शोषण होने पर लें मदद: दुर्ग में न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को समझाए सुरक्षा के कानूनी अधिकार

दुर्ग, 05 नवंबर 2026। बच्चों को उनके अधिकारों, संरक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल शोषण से बचाव, साइबर अपराधों, ऑनलाइन सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ और ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा, उत्पीड़न या शोषण की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित सहायता लेनी चाहिए।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना है। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में अपना बचपन जीने का अधिकार है।



