चांद तक पहुंचेगा महासमुंद का सपना: रागनी साहू का ‘शक्तिसैट’ मिशन में चयन, 108 देशों के छात्रों संग करेंगी काम

रायपुर, 11 जुलाई 2026। महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन ‘शक्तिसैट’ (ShaktiSat) के लिए नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित इकलौती छात्रा हैं।
देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं
इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और इंटरव्यू के बाद केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट का चयन किया गया, जिसमें रागनी साहू ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए स्थान बनाया। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था।
चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल और 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इनोवेशन) तथा इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।
108 देशों के छात्र मिलकर बनाएंगे चंद्र उपग्रह
‘मिशन शक्तिसैट’ एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित दुनिया के 108 देशों के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के तहत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे।
इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा, जबकि दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
ISRO द्वारा 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से होगा लॉन्च
विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ISRO द्वारा किया जाएगा।
इससे पहले रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त (राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस) पर होगा। यहां रागनी को ISRO और IN-SPACe के वैज्ञानिकों, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तथा वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधे संवाद और मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा।
नीति आयोग से सम्बद्ध है मिशन
यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।
कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।



