
रायपुर, 30 अप्रैल 2026।
राष्ट्रीय महत्व के व्यापक अभियान जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ की गई।
बैठक में गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनगणना निदेशक ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सटीक आकलन किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मकान सूचीकरण एवं गणना इस पूरे अभियान की आधारशिला है।
प्रशिक्षण एवं फील्ड कार्य पर विशेष जोर
श्री गोयल ने सभी जिलों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का समुचित एवं समयबद्ध प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड कार्य के दौरान डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, डिजिटल उपकरणों के उपयोग और संभावित चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी क्षेत्र गणना से छूटे नहीं और न ही किसी प्रकार का दोहराव हो।
पहचान पत्र और स्थानीय सहयोग
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी किए जाएं, जिससे आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। नगरीय क्षेत्रों और बड़े आवासीय परिसरों में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन के लिए आवासीय कल्याण समितियों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
डिजिटल डेटा संग्रहण पर सख्ती
जनगणना निदेशक ने कहा कि इस बार सभी आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जा रहे हैं, इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि अत्यंत सावधानीपूर्वक दर्ज की जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही भविष्य की नीतियों और योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
निगरानी और समस्या समाधान
कार्य की नियमित निगरानी हेतु प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसी भी तकनीकी समस्या या बाधा की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
जनजागरूकता और फेक न्यूज पर नियंत्रण
श्री गोयल ने जनजागरूकता को अभियान की सफलता के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जाए ताकि वे सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोलफ्री नंबर 1855 भी उपलब्ध कराया गया है।
समर्पण के साथ कार्य पूर्ण करने का आह्वान
अंत में जनगणना निदेशक ने सभी अधिकारियों से पूर्ण समर्पण, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ इस राष्ट्रीय दायित्व को समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूर्ण करने का आह्वान किया।



