
जगदलपुर, 21 जुलाई 2026
बस्तर संभाग में पहली बार ब्रेन की डिजिटल सब्सट्रैक्ट एंजियोग्राफी (DSA) जांच सफलतापूर्वक की गई है। डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (CCSH) में अत्याधुनिक कैथलैब के जरिए पैरालिसिस से पीड़ित एक महिला मरीज की जांच की गई, जिससे बीमारी के वास्तविक कारणों का पता चला और इलाज को नई दिशा मिली।
जानकारी के मुताबिक, बस्तर ब्लॉक के बड़े आलनार निवासी सुमित्रा नेताम को पैरालिसिस की शिकायत के बाद CCSH में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद ब्रेन की DSA जांच करने का फैसला लिया। अस्पताल के नवनिर्मित कैथलैब में यह जांच सफलतापूर्वक पूरी की गई।
इस प्रक्रिया को हैदराबाद के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. ऋषिकेश सरकार और CCSH के न्यूरोसर्जन डॉ. पवन बृज ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। वहीं, क्रिटिकल केयर कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सौरभ कुमार सहित अन्य चिकित्सकों की टीम भी इस दौरान मौजूद रही।
निजी अस्पताल में बिगड़ी थी तबीयत
परिजनों के अनुसार, सुमित्रा नेताम को नियमित जांच के लिए जगदलपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। इसी दौरान उन्हें अचानक पैरालिसिस का अटैक आया, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें तत्काल CCSH में भर्ती कराया गया।
जांच के बाद मिला बीमारी का सटीक कारण
डॉ. पवन बृज ने बताया कि मरीज की डिकम्प्रेसिव क्रेनियोटॉमी सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाएं की गईं। DSA जांच के जरिए मस्तिष्क की नसों की वास्तविक स्थिति का पता चला, जिससे बीमारी के सटीक कारणों की पहचान संभव हुई। इसी आधार पर मरीज का इलाज किया जा रहा है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
अब बस्तर में ही मिलेगी अत्याधुनिक सुविधा
डॉक्टरों ने बताया कि पहले ब्रेन DSA जैसी जटिल जांच के लिए मरीजों को रायपुर, हैदराबाद या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन CCSH में कैथलैब शुरू होने के बाद अब बस्तर में ही यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक जांच और बेहतर उपचार मिल सकेगा।



