सूरजपुर डबल मर्डर के 3 दोषी रायपुर जेल शिफ्ट: प्रधान आरक्षक की पत्नी-बेटी की हत्या में मिली है फांसी की सजा

सूरजपुर, 10 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले तीनों दोषियों को अलग-अलग जेलों से शिफ्ट कर रायपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। जेल प्रशासन ने तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर पहुंचाया। वहीं, मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले चौथे आरोपी को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट किया जा रहा है।
8 अक्टूबर को सुनाई गई थी सजा
जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने 8 अक्टूबर 2026 को तीन दोषियों को फांसी और एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद जेल प्रशासन ने दोषियों को अलग-अलग जेलों से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की।
इस मामले में कुलदीप साहू अंबिकापुर जेल, फूल सिंह उर्फ रिंकू सूरजपुर जिला जेल और चंद्रकांत चौधरी कोरिया जेल में बंद था। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को रायपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
वहीं, आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट किया जा रहा है।
प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 साल की बेटी की हुई थी हत्या
यह सनसनीखेज मामला 13 अक्टूबर 2024 का है, जब सूरजपुर में तत्कालीन प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई, जबकि चौथे आरोपी को आजीवन कारावास से दंडित किया। अब सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को रायपुर केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।



