गांव में नेटवर्क खराब, छात्र की पढ़ाई प्रभावित: Jio ने कहा-‘टावर नहीं’, कोर्ट ने पलटा तर्क, कंपनी को देना होगा ₹14 हजार

कोरिया, 8 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने रिलायंस जियो के खराब नेटवर्क को सेवा में कमी माना है। आयोग ने कंपनी को छात्र अभिनय पांडेय को कुल 14 हजार रुपए देने का आदेश दिया है। इसमें 10 हजार रुपए मुआवजा और 4 हजार रुपए मुकदमा लड़ने में हुए खर्च के शामिल हैं।
अभिनय पांडेय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और जियो के ग्राहक थे। उनके गांव सलका में कई महीनों से नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी। बार-बार कॉल कटने के साथ इंटरनेट की स्पीड भी बेहद धीमी रहती थी। इसके कारण उन्हें ऑनलाइन क्लास करने और स्टडी नोट्स डाउनलोड करने में परेशानी होती थी।
दो साल पहले शिकायत, फिर भी नहीं सुधरा नेटवर्क
अभिनय ने 21 सितंबर 2023 को जियो के अपीलीय अधिकारी को ई-मेल के जरिए शिकायत की थी। कंपनी ने अगले दिन जवाब देते हुए नेटवर्क समस्या स्वीकार की और 6 महीने में सुधार का आश्वासन दिया था। हालांकि, करीब दो साल बाद भी समस्या दूर नहीं हुई।
इसके बाद छात्र ने अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 में भारत सरकार के PG Portal पर भी शिकायत दर्ज कराई। पहली शिकायत के जवाब में कंपनी ने इलाके में ‘Optimal Coverage’ होने की बात कही, जबकि दूसरी शिकायत में उसी जगह को ‘Limited Coverage’ वाला क्षेत्र बताया गया।
जियो ने कहा- गांव में अपना टावर नहीं
लगातार अलग-अलग जवाब मिलने और नेटवर्क सुधारने के बजाय नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट कराने की सलाह मिलने के बाद अभिनय ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की।
सुनवाई के दौरान जियो ने दलील दी कि गांव में उसका अपना टावर नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि उपभोक्ता लगातार रिचार्ज कर रहा था, इसलिए इससे माना जा सकता है कि वह सेवा से संतुष्ट था। कंपनी ने निवेश से पर्याप्त फायदा नहीं मिलने वाले क्षेत्रों में निवेश से बचने की बात भी रखी।
आयोग ने कहा- बेहतर सेवा देना कंपनी की जिम्मेदारी
आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय और सदस्य चूरामन दास ने जियो की दलीलों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि इंटरनेट सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है कि वह ग्राहकों को उचित और अच्छी सेवा उपलब्ध कराए।
आयोग ने माना कि जियो ग्राहक को बेहतर इंटरनेट सेवा देने में सफल नहीं रहा। नेटवर्क की समस्या दूर करने के बजाय ग्राहक को दूसरी कंपनी में नंबर पोर्ट कराने की सलाह देना भी सेवा में कमी को दर्शाता है।
60 दिन में देना होगा 14 हजार रुपए
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए आयोग ने 7 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया। जियो को 10 हजार रुपए मुआवजा और 4 हजार रुपए मुकदमे के खर्च के रूप में देने होंगे।
कंपनी को यह रकम 60 दिनों के भीतर अभिनय पांडेय को देनी होगी। तय समय में भुगतान नहीं करने पर 10 हजार रुपए के मुआवजे पर 9% सालाना ब्याज भी देना होगा।



