
बिलासपुर, 6 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी के एक मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। सकरी थाना क्षेत्र में एक सस्पेंडेड कॉन्स्टेबल ने अपने ही घर में चोरी की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी की। चोरी का मकसद नशे के लिए पैसे और सामान जुटाना बताया जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक बरामद की है।
मामला सागरदीप कॉलोनी का है। यहां रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर के कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला। परिजनों की सूचना के बाद वह बिलासपुर लौटीं तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
करीबियों पर हुआ शक, बेटे की गतिविधियां मिली संदिग्ध
चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने घर के सदस्यों और परिचितों से पूछताछ की। जांच के दौरान महिला के बेटे आशीष मिश्रा (31) की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस के मुताबिक, चोरी के समय आशीष घर पर ही मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की।
पूछताछ में आशीष ने अपने दोस्तों सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) के साथ मिलकर चोरी की वारदात करना कबूल किया। पुलिस के अनुसार, आशीष को घर में रखे जेवर और नकदी की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर तीनों ने चोरी की योजना बनाई थी।
नशे की लत के चलते बनाई चोरी की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आशीष पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत था। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। हालांकि, काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह फिलहाल सस्पेंडेड है।
CSP परमेश्वर तिलकवार के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नशे के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक बरामद की है।
तीनों को जेल भेजा, पुराने मामलों की भी जांच
पुलिस ने आशीष मिश्रा, सूरज सिंह ठाकुर और अनुराग चौधरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवारों से बताए जा रहे हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपियों ने इससे पहले भी चोरी की कोई वारदात तो नहीं की है।



