
बिलासपुर, 29 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में देर रात हुए विवाद और पथराव के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में दोनों पक्षों के 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद समेत अन्य आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बलवा सहित कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। FIR में धारा 307 और 191 भी शामिल की गई हैं।
पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए ड्रोन और CCTV फुटेज की मदद ले रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसएसपी और कलेक्टर पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
मामूली विवाद के बाद बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, बीती देर रात शहर में दो पक्षों के बीच मामूली विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए रखी।
दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल
झड़प और पथराव की घटना में दोनों पक्षों के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
पूरे इलाके में रातभर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
विधायक ने कहा- विवाद को धार्मिक एंगल देने की कोशिश
बिलासपुर की घटना को लेकर विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के साथ वह भी मौके पर मौजूद थे और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने दावा किया कि दो असामाजिक तत्वों के बीच हुई झड़प को धार्मिक एंगल देने का प्रयास किया गया।
विधायक ने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासन में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में जिन असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन और CCTV से आरोपियों की तलाश
पुलिस ने अब पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। इसके लिए CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और ड्रोन से मिले फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बिलासपुर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की लगातार गश्त जारी है।



