
जांजगीर-चांपा जिले के करही गांव में कांग्रेस नेता और रेत कारोबारी सम्मेलाल कश्यप के बेटे आयुष कश्यप हत्याकांड में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पैसों के विवाद, कारोबार की प्रतिस्पर्धा और बढ़ते रसूख से जलन के चलते सुपारी देकर हत्या करवाई गई।
गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले सम्मेलाल कश्यप की हत्या की साजिश भी रच चुके थे। वारदात के बाद तीनों गुजरात भाग गए थे, जहां पुलिस ने ट्रेस कर उन्हें हिरासत में लिया।
23 अप्रैल की रात नकाबपोश बदमाश घर में घुसे, माता-पिता को कमरे में बंद किया और आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सिर और सीने में गोली लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, मैगजीन और बाइक बरामद की है। मामले का मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आयुष हाल ही में रेत कारोबार में सक्रिय हुआ था और उसने हाइवा व जेसीबी खरीदी थी। इसी बढ़ते प्रभाव और आर्थिक स्थिति को लेकर आरोपियों में नाराजगी थी। पुलिस की टीमों ने 7 राज्यों में दबिश देकर 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचा जा सका।



