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रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे की महिला टीमों की भिड़ंत आज से: शैफाली बोलीं- हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका पता, निडर होकर खेलना लक्ष्य

रायपुर, 16 अक्टूबर। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच शुक्रवार से रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार द्विपक्षीय सीरीज शुरू होगी। मुकाबले से पहले भारतीय टीम की उपकप्तान शैफाली वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की तैयारियों, अपनी वापसी, फिटनेस और बल्लेबाजी की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि टीम का मुख्य फोकस निडर होकर क्रिकेट खेलने और मैदान पर समझदारी से फैसले लेने पर है।

शैफाली ने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी है। टीम में इस बात को लेकर चर्चा हुई है कि हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सकारात्मक मानसिकता के साथ मैदान पर उतरे। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की तारीफ करते हुए कहा कि महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने और इस मुकाम तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान रहा है।

टीम से बाहर रहने के दौरान अपनी कमियों पर किया काम

शैफाली वर्मा ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने अपने खेल का विश्लेषण किया और उन क्षेत्रों की पहचान की, जिनमें सुधार की जरूरत थी। साल 2025 में उन्होंने खास तौर पर निरंतरता, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर काम किया। अब उन्हें अपनी मेहनत का फायदा प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि वह हर दिन कुछ नया सीखने और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और अपनी गलतियों से सीखने से ही खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

2021 से कर रही हूं गेंदबाजी की तैयारी

गेंदबाजी को लेकर शैफाली ने कहा कि यह उनके लिए कोई नई जिम्मेदारी नहीं है। वह वर्ष 2021 से हरियाणा की टीम के लिए गेंदबाजी कर रही हैं। उसी समय से उन्होंने खुद को इस तरह तैयार करना शुरू कर दिया था कि भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी का मौका मिलने पर वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहें।

उपकप्तान का पद नहीं, बड़ी जिम्मेदारी

उपकप्तान की भूमिका पर शैफाली ने कहा कि वह अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं, इसलिए उन्हें नेतृत्व का अनुभव है। उनके मुताबिक, उपकप्तान होना केवल एक पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि टीम के हर खिलाड़ी का ध्यान रखना, उसे सहज महसूस कराना और कप्तान की मदद करना उनकी जिम्मेदारी है। वह चाहती हैं कि टीम के सभी खिलाड़ी अच्छे मानसिक माहौल में खेलें और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

टी-20 में निडर खेल और समझदारी से फैसले लेने पर जोर

शैफाली ने कहा कि टीम का जोर टी-20 क्रिकेट में निडर होकर खेलने के साथ परिस्थितियों के अनुसार सही फैसले लेने पर है। टीम इस खेल शैली को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि टीम हर मुकाबले से कुछ नया सीखने और अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करेगी।

बल्लेबाजी की रणनीति पर उन्होंने कहा कि टीम पहले बल्लेबाजी करने और लक्ष्य का पीछा करने, दोनों तरह की परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार कर रही है। खिलाड़ियों को अलग-अलग मैच परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करने का मौका दिया जा रहा है।

नेट प्रैक्टिस में मैच जैसे हालात बनाती हूं

अपनी बल्लेबाजी की तैयारी के बारे में शैफाली ने कहा कि विरोधी टीमें उनके खिलाफ पूरी रणनीति के साथ मैदान पर उतरती हैं। ऐसे में वह नेट प्रैक्टिस के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी का अभ्यास करती हैं।

उन्होंने बताया कि अगर किसी दिन छक्के लगाने में परेशानी होती है, तो वह जमीन पर शॉट खेलने का अभ्यास करती हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने शॉर्ट बॉल खेलने, स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बैकफुट पंच और पुल शॉट पर भी विशेष रूप से काम किया है। अब उन्हें अपनी बल्लेबाजी में इसका फायदा मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ की सुविधाओं और दर्शकों के प्यार की तारीफ

रायपुर में मिल रही सुविधाओं पर शैफाली ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम के दो से तीन अभ्यास सत्र हो चुके हैं और खिलाड़ियों को यहां अच्छा लग रहा है। वह पहले भी छत्तीसगढ़ में खेल चुकी हैं।

शैफाली ने बताया कि सीनियर टीम के लिए उनका पहला राज्य स्तरीय डेब्यू भी छत्तीसगढ़ में हुआ था। यहां की सुविधाएं और दर्शकों का प्यार खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

जेमिमा की वापसी का इंतजार, मिडिल ऑर्डर पर भी नजर

मिडिल ऑर्डर की तैयारियों पर बात करते हुए शैफाली ने बताया कि जेमिमा रोड्रिग्स फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। उन्होंने एशिया कप और एशियन गेम्स के दौरान टीम के मिडिल ऑर्डर के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ऋचा घोष और हरमनप्रीत कौर की पारियों की सराहना की। उन्होंने निकी के प्रदर्शन से भी उम्मीद जताई।

शैफाली ने कहा कि टीम अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके देकर अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानने की कोशिश करेगी। इससे खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा और टीम को आगामी मुकाबलों के लिए बेहतर संयोजन तैयार करने में मदद मिलेगी।

दो बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बनने से बढ़ा हौसला

दो बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीतने पर शैफाली ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस तरह के पुरस्कार मैदान के बाहर की गई मेहनत का एहसास कराते हैं। इससे गर्व महसूस होता है और आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।

शैफाली के मुताबिक, टीम का लक्ष्य अपनी तैयारियों को मैदान पर उतारना, निडर क्रिकेट खेलना और हर मुकाबले से सीखते हुए प्रदर्शन में लगातार सुधार करना है।

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Manish Tiwari

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