छत्तीसगढ़

देवेंद्र यादव को EOW का नोटिस: कोल लेवी केस में 5 अक्टूबर को पेशी, सूर्यकांत तिवारी की डायरी में आया था नाम

दुर्ग-भिलाई, 02 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के करीब 540 करोड़ रुपए के कथित कोल लेवी मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के मुताबिक उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश होना है। EOW इस मामले में जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है।

सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी देवेंद्र यादव से रायपुर स्थित EOW कार्यालय में दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ का आधार सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान मिली डायरी और अन्य दस्तावेज हैं। इनमें देवेंद्र यादव के नाम और कथित पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिलने की बात कही गई है। हालांकि, देवेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

क्या है पूरा कोल लेवी मामला?

जांच के अनुसार, मामले की शुरुआत 15 जुलाई 2020 से हुई थी। उस समय कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था में बदलाव कर मैन्युअल प्रक्रिया शुरू की गई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसके बाद कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से हर टन पर 25 रुपए की अवैध वसूली का रास्ता बना।

जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस तरीके से करीब 540 करोड़ रुपए की वसूली किए जाने का आरोप है। जांच में रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर समेत कोयला उत्पादक जिलों में इस कथित वसूली की व्यवस्था संचालित होने की बात सामने आई।

सूर्यकांत तिवारी की डायरी में मिला नाम

जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान डायरी और अन्य दस्तावेज मिले थे। इनमें कथित तौर पर पैसों के लेन-देन का ब्योरा दर्ज था। इसी जांच के दौरान देवेंद्र यादव का नाम सामने आने के बाद उनसे पूछताछ की गई।

जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध तरीके से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी खर्च और संपत्तियां खरीदने में किया गया। अब जांच में डायरी में दर्ज रकम और कथित लेन-देन के वास्तविक संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी जांच में करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली का उल्लेख किया था और दावा किया था कि रकम का एक हिस्सा नेताओं और अधिकारियों तक पहुंचा।

2024 में EOW ने दर्ज किया था अपराध

जांच के मुताबिक, ऑनलाइन व्यवस्था में बदलाव के बाद कोयला परिवहन की अनुमति के लिए खनन कार्यालय से मैन्युअल मंजूरी लेना जरूरी हो गया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कथित अवैध वसूली के लिए किया गया।

EOW ने इस मामले में जनवरी 2024 में अपराध दर्ज किया था। प्रकरण में तत्कालीन अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक लोगों समेत कई लोगों के नाम सामने आए। देवेंद्र यादव का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल किया गया।

अब EOW जांच पूरी कर 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में मामले से जुड़ी आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button