छत्तीसगढ़

धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम: 137वां गांव, हर परिवार को नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा

रायपुर, 30 सितंबर 2026। धमतरी विकासखंड का बेंद्रानवागांव अब ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम बन गया है। गांव में हर परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचने के बाद इसे आधिकारिक रूप से प्रमाणीकृत किया गया। इसके साथ ही बेंद्रानवागांव धमतरी विकासखंड का 137वां प्रमाणीकृत गांव बन गया है।

ग्राम सभा में हुआ योजना का हस्तांतरण

गांव में जलापूर्ति योजना का काम पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने 24 सितंबर 2026 को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 30 सितंबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, सचिव, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

ग्राम सभा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ने ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, जलापूर्ति व्यवस्था, संचालन और रखरखाव की जानकारी दी। ग्रामीणों ने नई व्यवस्था पर संतोष जताया। इसके बाद सरपंच ने विभाग को प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र सौंपा। विभाग की ओर से योजना का हस्तांतरण पत्र ग्राम पंचायत को जारी किया गया।

अब गांव खुद संभालेगा जलापूर्ति व्यवस्था

बेंद्रानवागांव की खास बात यह है कि जलापूर्ति योजना के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी अब गांव खुद संभालेगा। इसके लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (पानी समिति) को जिम्मेदारी दी गई है।

योजना को लंबे समय तक सुचारु रूप से चलाने के लिए ग्राम पंचायत ने प्रति परिवार 70 रुपए प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया है। इस राशि का उपयोग बिजली बिल के भुगतान के साथ-साथ गांव में कार्यरत पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर की सेवाओं के भुगतान में किया जाएगा।

जनभागीदारी से बदली गांव की तस्वीर

सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की योजनाओं को जनभागीदारी के माध्यम से गांवों तक पहुंचाने की पहल की जा रही है। बेंद्रानवागांव इसका एक उदाहरण बनकर सामने आया है। पहले ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने की मजबूरी थी, लेकिन अब हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है।

‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत होने के साथ गांव में केवल पेयजल की सुविधा ही नहीं बढ़ी है, बल्कि स्वच्छता, ग्रामीणों की दिनचर्या और सामुदायिक भागीदारी में भी बदलाव आया है। प्रशासन, पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से जलापूर्ति व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कदम उठाया गया है।

बेंद्रानवागांव की यह उपलब्धि बताती है कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पंचायत का नेतृत्व और ग्रामीणों की सहभागिता मिलकर विकास योजनाओं को स्थायी रूप दे सकती है। अब गांव में नल से जल पहुंचने के साथ ही ग्रामीण स्वयं इस व्यवस्था के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button