बस्तर के युवाओं को मिला नेतृत्व का मंच: 6 साल पूरे होने पर युवोदय 2.0 लॉन्च, स्थानीय चुनौतियों के समाधान में भागीदारी

जगदलपुर, बस्तर | 23 सितंबर 2026: बस्तर का युवा स्वयंसेवी आंदोलन युवोदय आज छह वर्ष पूरे कर रहा है। यह पहल युवाओं, समुदायों और जिला प्रशासन को साथ लाकर सकारात्मक बदलाव की दिशा में काम कर रही है।
23 सितंबर 2020 को बस्तर जिला प्रशासन ने यूनिसेफ के सहयोग से युवोदय (Rise of Youth) की शुरुआत की थी। कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई इस पहल में शुरुआत में 6,000 से अधिक युवा स्वयंसेवकों को जोड़ा गया। स्वयंसेवकों ने कोविड जागरूकता, टीकाकरण और लोगों को जरूरी सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समय के साथ युवोदय का दायरा कोविड तक सीमित नहीं रहा। युवाओं को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़ा गया।
बस्तर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आकाश छिकारा, आईएएस ने कहा, “युवोदय बस्तर के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। छह वर्षों में हमारे स्वयंसेवकों ने दिखाया है कि जब युवाओं पर भरोसा किया जाता है और उन्हें जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे कितना कुछ कर सकते हैं। युवोदय 2.0 के माध्यम से हमारा प्रयास है कि युवा स्थानीय चुनौतियों को समझें, समुदायों की बात सुनें और प्रशासन के साथ मिलकर बस्तर की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित करें।”
युवोदय 2.0: स्वयंसेवकों से समस्या-समाधानकर्ताओं तक
छह वर्षों के अनुभव के आधार पर युवोदय 2.0 में युवाओं की भागीदारी को एक कदम आगे बढ़ाया जा रहा है। अब फोकस केवल जागरूकता और लोगों को जोड़ने तक सीमित न रहकर समस्याओं को समझने, समुदायों की बात सुनने और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर समाधान विकसित करने पर है।
इस पहल में स्वयंसेवकों के आत्मविश्वास, मानसिक कल्याण और व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अभिषेक सिंह, सोशल एंड बिहेवियर चेंज स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने कहा, “युवोदय की शुरुआत एक सरल विचार के साथ हुई थी—युवाओं पर भरोसा करें और उन्हें योगदान देने का अवसर दें। आज वे केवल संदेश पहुंचाने का काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि समुदायों की बात सुन रहे हैं, लोगों के निर्णयों को प्रभावित करने वाले कारकों को समझ रहे हैं और स्थानीय स्तर पर उपयोगी समाधान तलाशने में मदद कर रहे हैं। अगले चरण में युवाओं को नेतृत्व करने और अपने विचारों को कार्रवाई में बदलने के लिए अधिक अवसर देना हमारा उद्देश्य है।”
छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति के मानस बनर्जी ने कहा, “युवोदय की असली ताकत इसके स्वयंसेवक हैं। वे अपने समुदायों को जानते हैं, स्थानीय परिस्थितियों को समझते हैं और लोगों का भरोसा हासिल कर चुके हैं। ये छह साल उन हजारों युवाओं के समर्पण और योगदान का उत्सव हैं, जिन्होंने बस्तर के लिए अपना समय, ऊर्जा और विचार दिए हैं।”
बदलाव की तस्वीर युवाओं की अपनी आवाज में भी दिखाई देती है। जगदलपुर ब्लॉक के युवोदय स्वयंसेवक बनमाली ने कहा, “युवोदय ने हमें यह विश्वास दिया कि बदलाव लाने के लिए किसी बड़े पद की जरूरत नहीं होती, बल्कि सेवा की भावना जरूरी है। आज हमारे गांव के लोग हमें जिम्मेदार युवाओं के रूप में देखते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।”
तोकापाल ब्लॉक की युवोदय स्वयंसेवक राजनी मौर्य ने कहा, “युवोदय ने हमें सिखाया कि अपने गांव की समस्या को समझना समाधान की दिशा में पहला कदम है। जब युवा आगे बढ़ते हैं, तो पूरा समुदाय उनके साथ जुड़ जाता है।”
यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति लगातार बस्तर जिला प्रशासन को युवोदय पहल को मजबूत करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
युवोदय आंदोलन से जुड़ें
जो युवा अपने समुदाय के लिए योगदान देना चाहते हैं, वे www.yuvoday.org पर पंजीयन कर सकते हैं या युवोदय ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
युवोदय के छह साल। बस्तर के लिए आगे बढ़ते युवाओं के छह साल। यह यात्रा जारी है।



