जेल में बंद कैंसर मरीज के इलाज पर हाईकोर्ट गंभीर: चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे बंदी को मिलेगी जरूरी मेडिकल सुविधा

रायपुर, 20 अगस्त 2026// चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे रायपुर सेंट्रल जेल के बंदी मोहम्मद हातिम उर्फ हकीम खान के इलाज को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को बंदी की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार सभी जरूरी उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अपील स्वीकार कर ली। हालांकि आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण अंतिम सुनवाई 7 सितंबर 2026 तक टाल दी गई है।
सुनवाई के दौरान बंदी की ओर से अधिवक्ता हमीदिया सिद्दीकी ने बताया कि मोहम्मद हातिम गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में ही उनका उपचार चल रहा है। उनकी मां ने बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष भी आवेदन दिया है।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतरिम अवधि में बंदी को उसकी मेडिकल स्थिति के अनुरूप आवश्यक इलाज उपलब्ध कराने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आदेश की प्रति तत्काल रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक को भेजी जाए।
ट्रायल कोर्ट के 10 जुलाई 2026 के फैसले के पैराग्राफ 69 में भी बंदी के उपचार को लेकर इसी तरह का निर्देश जारी किया गया था। ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड हाईकोर्ट पहुंच चुका है।
अब 7 सितंबर 2026 को मामले की अंतिम सुनवाई होगी, जिसमें अदालत अपील के गुण-दोष पर आगे सुनवाई करेगी।



