आधार केंद्र नहीं जा सकीं दिव्यांग महिला, प्रशासन पहुंचा घर: मानवीय पहल से घर पर ही पूरी हुई पूरी प्रक्रिया

रायपुर, 27 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित सुशासन की परिकल्पना लगातार साकार हो रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता की प्रेरक मिसाल पेश करते हुए पक्षाघात से पीड़ित दिव्यांग महिला रामकली गुप्ता को उनके घर पहुंचकर आधार संबंधी आवश्यक सेवा उपलब्ध कराई। यह पहल इस बात का सशक्त प्रमाण है कि साय सरकार की प्राथमिकता केवल जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर, सहज, सम्मानजनक और सुलभ शासकीय सेवाएं पहुंचाना है।
जानकारी के अनुसार रामकली गुप्ता पक्षाघात से पीड़ित हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उनके लिए आधार सेवा केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं था। परिवार द्वारा आधार संबंधी आवश्यक सेवा की जरूरत बताने पर जिला प्रशासन ने तत्काल संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की। आधार ऑपरेटर अंशु गुप्ता स्वयं उनके निवास पहुंचे और घर पर ही आधार संबंधी समस्त आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई। इससे न केवल मरीज को अनावश्यक परेशानी से राहत मिली, बल्कि उनके परिजनों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल के प्रति संतोष और आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश में ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को उसकी परिस्थितियों के अनुरूप सहज, सरल और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध हों। विशेष रूप से दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल शारीरिक असमर्थता के कारण शासकीय सेवाओं से वंचित न रहे।
यह पहल सुशासन, सेवा और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। घर-घर तक सेवाएं पहुंचाने की ऐसी पहलें न केवल आम नागरिकों का विश्वास मजबूत कर रही हैं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासन की सकारात्मक छवि को भी और अधिक सशक्त बना रही हैं।



