छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति की रफ्तार तेज: सेवा सेतु पर 35 विभागों की 564 सेवाएं, AI मिशन और भारतनेट से गांव-गांव तक पहुंचेगी सुविधा

रायपुर, 23 जुलाई 2026/ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य बन रहा है। सेवा सेतु, भारतनेट, एआई (AI) और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है। नागरिक-केंद्रित सेवाओं, डिजिटल अधोसंरचना, एआई (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है।

सेवा सेतु पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारंभ किया गया। वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, QR Code आधारित सत्यापन, SMS, WhatsApp सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार

अंकित आनंद ने बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, LWE Phase-II तथा 4G Saturation योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1,273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं। भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इससे FTTH कनेक्टिविटी, हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा।

50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण

राज्य में सीएम आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है। IIIT नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का मजबूत समूह तैयार हो सके।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुशासन को नई मजबूती

विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था को नई मजबूती दे रहे हैं।

  • खनिज ऑनलाइन 2.0 से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • IWMMS के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट की ऑनलाइन निगरानी हो रही है।
  • वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण किया गया है।
  • पारस पोर्टल से बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है।
  • बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से 10 नक्सल मुक्त जिलों के हितग्राहियों की मॉनिटरिंग की जा रही है।
  • डिजिटल द्वार के माध्यम से विभागों के बीच सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

एआई आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए एआई आधारित कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एआई डेटा लैब की स्थापना की जा रही है।

चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा STPI के बीच ₹105.3 करोड़ की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए एमओयू किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि क्षेत्रों में नवाचार एवं स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।

क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम

राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिससे सुरक्षित क्लाउड सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। विभाग की आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, IWMMS, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने का लक्ष्य

अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं नागरिकों तक पहुंचाने का प्रभावी साधन है। सरकार एआई, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए लगातार कार्य कर रहा है।

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Manish Tiwari

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